Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावितों हेतु सहायता की समीक्षा की। बैठक में शहीद परिवारों को लाभ, 109 शहीद स्मारक निर्माण, और पुनर्वासित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने जैसे मामलों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रायपुर, 11 अगस्त 2026। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं और माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को दी जा रही सहायता एवं सुविधाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शहीद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
शहीद परिवारों को 100 फीसदी अनुकंपा नियुक्ति
- बैठक में शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति और सरकारी सेवा दिए जाने की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस पर उप मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि शहीद परिवारों की जिम्मेदारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
- उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित लोगों से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके।
109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण
- उप मुख्यमंत्री ने राज्य गठन के बाद से माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में बनाए जा रहे 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने घटना स्थल या संबंधित गांवों में बनने वाले स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
- इन स्मारकों में QR कोड लगाए जाएंगे। QR कोड स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को मिल सकेगी।
नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए चलेगा विशेष अभियान
- बैठक में उन मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनमें नक्सल हिंसा में प्रभावित लोगों के परिवारों तक अब तक राहत नहीं पहुंच पाई है। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
- उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता और राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने को कहा गया।
गंभीर मामलों को छोड़कर पुनर्वासित युवाओं के प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश
- पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएपीए और जनहानि जैसे गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
- इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
स्कूलों और चौक-चौराहों के नाम शहीदों के नाम पर होंगे
शहीदों की स्मृति को स्थायी बनाए रखने के लिए स्कूलों, चौक-चौराहों और सरकारी भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां विभागीय अनुमति जरूरी है, वहां तत्काल अनुमति लेकर नामकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
पात्र लोगों को क्षतिपूर्ति और प्रोत्साहन राशि मिले
- माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति और घायल जवानों व आम नागरिकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई।
- उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सभी मामलों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि हर पात्र व्यक्ति को निर्धारित सहायता और प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले। कोई भी पात्र प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए।
पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था पर जोर
- विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं बेहतर रखने के निर्देश दिए।
- मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने के साथ ही कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की जरूरतों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।
कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनेंगे पुनर्वासित युवा
- उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष भुगतान इस महीने के अंत तक करने के निर्देश दिए। दूसरे राज्यों में हथियार छोड़कर छत्तीसगढ़ लौट रहे स्थानीय लोगों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल विकास का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
- उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
- दूसरे राज्यों के निवासी पुनर्वासित युवाओं के अपने गृह राज्य लौटने के मामलों में संबंधित राज्यों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
पुनर्वासित लोगों को सरकारी योजनाओं और रोजगार से जोड़ने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने और उन्हें पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
इलवद पंचायत योजना के 50 गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
- बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 गांवों में विकास कार्यों के आवंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
- उन्होंने कहा कि सभी चयनित गांवों में विकास कार्यों को जल्द स्वीकृति देकर शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।
नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए कार्रवाई के निर्देश
- बैठक में ऐसे पुनर्वासित युवाओं के मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ नक्सल प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता, शहीद परिवारों का कल्याण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


