रक्षाबंधन पर पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधी। मंत्री ने इसे स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर बताया।

रायपुर। रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के स्नेह और आत्मीय रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर सामने आई। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधी। इस दौरान भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और अपनत्व का भाव साफ नजर आया। रक्षाबंधन को परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान तथा आपसी विश्वास को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। डॉ. उषा बारले और मंत्री राजेश अग्रवाल के बीच राखी बांधने का यह अवसर भी इसी भावना से जुड़ा रहा।

Raksha Bandhan 2026: मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया राखी को रिश्तों की जिम्मेदारी का प्रतीक

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ कलाई पर राखी बांधने की परंपरा नहीं है। यह भाई-बहन के बीच कायम रहने वाले स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राखी का यह पवित्र धागा हमें अपने रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में मजबूती से साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भी पारिवारिक रिश्तों और भाई-बहन के प्रेम को खास महत्व दिया गया है। यहां पर्व और त्योहार केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का काम भी करते हैं।

Padma Shri Usha Barle: मंत्री बोले- डॉ. उषा बारले का स्नेह मेरे लिए विशेष सम्मान

डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को राजेश अग्रवाल ने अपने लिए बेहद आत्मीय क्षण बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा के जरिए देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. उषा बारले का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए विशेष सम्मान की बात है।

उन्होंने कहा कि उनके लिए यह राखी केवल रक्षाबंधन की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास से जुड़ी एक खूबसूरत डोर है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले छत्तीसगढ़ की पंडवानी और पंथी गायन परंपरा से जुड़ी प्रमुख कलाकार हैं। उनकी कला ने प्रदेश की लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई है।

Chhattisgarh Culture: लोककला और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से बनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की कला और परंपराओं को देश-दुनिया के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और समाज में आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर देते हैं।

Raksha Bandhan Wishes: मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रक्षाबंधन के अवसर पर पर्यटन मंत्री ने छत्तीसगढ़ की सभी माताओं, बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के बीच स्नेह हमेशा बना रहे और हर परिवार में खुशियों का माहौल रहे।

Raksha Bandhan Special: रिश्तों के साथ संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प

राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के अवसर पर सभी अपने रिश्तों को और मजबूत करने का संकल्प लें। परिवार और समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास बढ़ाने के साथ छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों की यही भावना समाज को जोड़ती है और आने वाली पीढ़ियों तक हमारी संस्कृति और परंपराओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।