नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कार्यभार संभालते ही पीएम आवास, अमृत मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा कर रोजाना वार्ड भ्रमण और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कार्यभार संभालने के अगले ही दिन विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर साफ संकेत दे दिए कि अब योजनाओं की निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी। मंत्रालय में हुई इस लंबी समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नालंदा परिसर और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का असली असर जमीन पर दिखना चाहिए और इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध काम और मैदानी निरीक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
नगर निगम आयुक्त और CMO को रोज वार्ड भ्रमण करने के निर्देश
बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को रोजाना अपनी टीम के साथ वार्डों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन आयुक्त और अन्य अधिकारी भी इस निरीक्षण में शामिल रहें। साथ ही प्रत्येक दौरे की तस्वीरें विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम की लगातार निगरानी हो सके।
PM Awas Yojana Urban के काम समय पर पूरे करने पर जोर
प्रमुख सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत और पूर्ण हुए आवासों की घटकवार समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, तय लक्ष्यों और शेष कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिले और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। साथ ही सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं।
Amrit Mission में सिर्फ रिपोर्ट नहीं, मौके पर जाकर करें जांच
अमृत मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सोनमणि बोरा ने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर काम का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर जाकर गुणवत्ता, प्रगति और नागरिकों को मिलने वाले लाभ का आकलन करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी परियोजनाओं में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
Swachh Bharat Mission Urban में कचरा पृथक्करण पर विशेष फोकस
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने चार डस्टबिन व्यवस्था, जागरूकता अभियान, उचित संग्रहण और कचरा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से इसे और बेहतर बनाने को कहा।
बाजारों की सफाई और समय पर कचरा उठाने के निर्देश
सोनमणि बोरा ने प्रमुख बाजारों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित होनी चाहिए जिसका असर शहरों में साफ दिखाई दे।
Nalanda Parisar का निर्माण प्राथमिकता से पूरा करने का आदेश
बैठक में राज्य की महत्वाकांक्षी योजना नालंदा परिसर-सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन की भी समीक्षा हुई। प्रमुख सचिव ने विभिन्न निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों का लगातार निरीक्षण करते हुए समय-सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन बनने तक लाइब्रेरी की किताबें, कंप्यूटर, पैनल और लाइब्रेरियन जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि परिसर शुरू होते ही विद्यार्थियों को पूरी सुविधा मिल सके।
CM Helpline और CPGRAMS शिकायतों का समय पर निपटारा करें
सोनमणि बोरा ने अपने पिछले प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय शहरों के विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को CM Helpline और CPGRAMS पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गंभीरता से समाधान करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ेंगी मूलभूत सुविधाएं
रायपुर नगर निगम के आयुक्त को निर्देश देते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि शहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले स्थलों की पहचान कर वहां शुद्ध पेयजल, साफ शौचालय, डस्टबिन और नियमित सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्थानों पर आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए।
Urban Forestry और Public Garden के लिए बनेगी नई कार्ययोजना
बैठक में शहरों में अर्बन फॉरेस्ट्री, सार्वजनिक उद्यानों के पुनरोद्धार और पीपीपी मॉडल पर फंड जुटाने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने नगरीय निकायों के परिसीमन के बाद शामिल नए क्षेत्रों में पेयजल, सफाई, हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता देते हुए नई योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट और स्लम पुनर्विकास पर भी रहेगा फोकस
प्रमुख सचिव ने पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट और ईडब्ल्यूएस भूमि पर व्यावसायिक परियोजनाओं के नए विकल्प तलाशने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ने के बजाय आउट-ऑफ-द-बॉक्स सोच के साथ काम किया जाए, ताकि शहरों का विकास तेज और प्रभावी हो सके। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, बिरगांव नगर निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


