रामविचार नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, भोजन और सुविधाओं में एकरूपता के निर्देश दिए। पूर्व अतिथि शिक्षकों को दोबारा मौका देने पर सहमति बनी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (EMRS) के संचालन, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस दौरान मंत्री ने टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित 'गुमनाम जननायक' पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सह स्मारक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अंबिका ध्रुव के नगर सैनिक के रूप में चयनित होने पर उन्हें सम्मानित किया।
एकलव्य विद्यालयों में सुविधाओं को लेकर मंत्री के सख्त निर्देश
बैठक के दौरान रामविचार नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में समानता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में गणवेश, मेस संचालन, भोजन व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं एक जैसी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले, ताकि उनकी पढ़ाई और सर्वांगीण विकास में कोई कमी न रहे।
पूर्व अतिथि शिक्षकों को दोबारा मिलेगा अवसर
बैठक में एक अहम निर्णय पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि नेस्ट्स (NESTS) और राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुरूप पात्रता रखने वाले एकलव्य विद्यालयों के पूर्व अतिथि शिक्षकों को फिर से अवसर दिया जाएगा। इस फैसले से योग्य और अनुभवी शिक्षकों को दोबारा विद्यालयों में अपनी सेवाएं देने का मौका मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित
बैठक में जानकारी दी गई कि फिलहाल छत्तीसगढ़ में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संस्थानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन
बैठक में एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों की खेल उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि नवंबर 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित एकलव्य विद्यालयों की चौथी राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 466 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। प्रदेश ने प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों ने 55 स्वर्ण पदकों सहित कुल 126 पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की सराहना
मंत्री रामविचार नेताम ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विभागीय अधिकारियों की इस उपलब्धि के लिए खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही मंच और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो वे राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलताएं हासिल करेंगे।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभाग के सचिव भुवनेश यादव, आयुक्त डी. राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संचालक मंडल के सदस्य और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


