महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सड़क मार्ग से पहली बार जगरगुंडा पहुंचीं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया, महिलाओं से संवाद किया और विकास कार्यों की समीक्षा की।
रायपुर। एक समय नक्सली गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहने वाला बस्तर अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। दूरस्थ इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पोषण और रोजगार के क्षेत्र में लगातार बदलाव दिखाई दे रहा है। इसी बदलते बस्तर का जायजा लेने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय दौरे पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं।

सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं
इस दौरे की सबसे खास बात यह रही कि श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका सड़क मार्ग से पहुंचना विकास और शासन की मजबूत मौजूदगी का संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इसे ऐतिहासिक पहल बताया।
आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम में हुईं शामिल
मंत्री ने पूर्वर्ती और सिलगेर के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में भाग लेकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, महिलाओं से बातचीत की और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका पर दिया विशेष जोर
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जिन क्षेत्रों की पहचान कभी हिंसा और असुरक्षा से होती थी, वे आज महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और नए रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।
कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन भवन का किया लोकार्पण
दौरे के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के अंतर्गत जगरगुंडा में कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया ऐतिहासिक दौरा
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचीं और उनसे संवाद किया। उन्होंने अपनी समस्याएं भी मंत्री के सामने रखीं। महिलाओं ने कहा कि इस पहल से शासन के प्रति उनका भरोसा और मजबूत हुआ है तथा अब उन्हें महसूस हो रहा है कि विकास वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में तेज हो रहा विकास
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम गांव तक विकास पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
शांति, सुरक्षा और विकास के साथ बदल रहा बस्तर
मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों की बहादुरी, स्थानीय लोगों के सहयोग और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में शांति और स्थिरता का नया माहौल बना है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं आज बदलते बस्तर की नई पहचान बन चुकी हैं।


