दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने 19 CAG रिपोर्टें पेश की हैं और रिपोर्टों में दर्ज अनियमितताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद लंबित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों को प्राथमिकता के आधार पर विधानसभा में पेश किया। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्ष में कुल 19 CAG रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार इन रिपोर्टों पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) भी उनका विस्तृत परीक्षण कर रही है। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि सभी निष्कर्षों और सुझावों पर पारदर्शी तरीके से आगे की कार्रवाई हो।
CAG रिपोर्टों में वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि CAG देश का सर्वोच्च संवैधानिक लेखा परीक्षण संस्थान है, जिसकी रिपोर्टें सार्वजनिक धन के उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का तथ्यात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने बताया कि हाल में सदन में रखी गई रिपोर्टों में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई विभागों और योजनाओं का उल्लेख है। इन रिपोर्टों में वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं की ओर भी संकेत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार इन निष्कर्षों को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्ववर्ती सरकार पर जवाबदेही की कमी का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक जवाबदेही का अभाव देखने को मिला, जिसके कारण कई मामलों में अनियमितताएं सामने आईं। उनका कहना था कि इसी वजह से जनहित से जुड़े अनेक कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने सुशासन और विकास के पक्ष में अपना विश्वास जताया है और वर्तमान सरकार उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए लगातार काम कर रही है।
पारदर्शिता और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता
रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कई योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ, लेकिन जमीन पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दिए और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान सरकार का प्रयास केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना है।
जनहित के कार्यों को गति देने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने और जनहित से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन का उपयोग परिणामोन्मुखी विकास कार्यों में सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से किए गए हर संकल्प को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और दिल्लीवासियों को बेहतर प्रशासन तथा विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है।


