दिल्ली सरकार का ई-ऑफिस सिस्टम 1 साल पूरा कर रहा है। अब 75% से अधिक प्रशासनिक काम ऑनलाइन है, जिससे फाइलों की आवाजाही तेज और पारदर्शी हुई है। 1 साल में 1.44 लाख से अधिक ई-फाइलें प्रोसेस की गई हैं।
दिल्ली की की रेखा गुप्ता सरकार के ई-ऑफिस सिस्टम आने वाली 1 जुलाई को अपना एक साल पूरा करने जा रही है। बता दें कि इस प्रिक्रिया से दिल्ली वालों ने मील का पत्थर हासिल किया है। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को अपना आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अब दिल्ली सरकार के 75% से अधिक प्रशासनिक कामकाज ई-ऑफिस के जरिए ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इससे फाइलों की आवाजाही, मंजूरी और सरकारी पत्राचार पहले की तुलना में काफी तेज और पारदर्शी हुआ है। कुल मिलाकर कहें तो पहले से ज्यादा जल्दी काम हो रहा है।

235 विभागों, कार्यालयों में बना 'ई-ऑफिस'
बता दें कि दिल्ली में ऑनलाइन 'ई-ऑफिस' की इस आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से अब तक, 235 विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में से 177 (करीब 75.3%) नियमित रूप से ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 132 मुख्य सरकारी विभागों में से 120 (करीब 91%) पूरी तरह इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 55 सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्ड, निगमों और स्वायत्त निकायों में से 36, जबकि 48 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में से 21 ने भी ई-ऑफिस प्रणाली अपना ली है।
9.22 लाख से ज्यादा ई-रसीदें प्रोसेस
एक साल पूरे होने पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा पहले अधिकांश सरकारी काम कागजी फाइलों के जरिए होता था, लेकिन अब फाइल मूवमेंट, पत्राचार और अनुमोदन पूरी तरह ऑनलाइन हो रहे हैं। इससे फाइलों के निपटारे की रफ्तार बढ़ी है, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है तथा लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर मिलने लगी हैं। लोगों को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। साथ ही लोगों को रोजाना दफ्तर के चक्कर काटना पड़ रहे हैं। उन्हें फोन के जरिए उनके काम की जानकारी मिल जाती है। यानि वह घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से अपने काम के बारे में जानकारी ले लेते हैं। पिछले एक वर्ष में इस प्रणाली के जरिए 1.44 लाख से अधिक ई-फाइलें और 9.22 लाख से ज्यादा ई-रसीदें प्रोसेस की गई हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।


