दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने कहा कि 19 CAG रिपोर्टों में पिछली AAP सरकार से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं और सभी मामलों में कार्रवाई जारी है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में 19 CAG रिपोर्ट पेश की गई हैं और इनमें से प्रत्येक रिपोर्ट में पिछली केजरीवाल सरकार के कार्यकाल से जुड़ी एक-एक कथित गड़बड़ी सामने आई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन सभी रिपोर्टों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और संबंधित जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।

CM रेखा गुप्ता ने खास तौर पर दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जल बोर्ड में कथित घोटाले के मामले में सत्येंद्र जैन जेल जा चुके हैं और अब आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों के स्तर पर हो रही है।

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CAG Reports: 19 रिपोर्टों को लेकर रेखा गुप्ता का दावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने विधानसभा में 19 CAG रिपोर्ट रखी हैं। उनके मुताबिक, इन रिपोर्टों में पिछली AAP सरकार के दौरान हुए अलग-अलग मामलों और कथित अनियमितताओं का उल्लेख है। उन्होंने इसे पूर्व केजरीवाल सरकार के कामकाज पर गंभीर सवालों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार अब इन मामलों में कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।

दिल्ली विधानसभा के हालिया मानसून सत्र में भी CAG रिपोर्टें सरकार के एजेंडे का अहम हिस्सा रहीं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, तीन दिवसीय सत्र के दौरान कुल 19 CAG रिपोर्ट सदन में पेश की गईं। इसके अलावा चार विधेयक पारित हुए और नियम 280 के तहत 52 जनहित के मुद्दे उठाए गए।

इससे पहले सरकार ने अगस्त के मानसून सत्र के दौरान CAG की दो रिपोर्टें पेश करने की जानकारी दी थी। इनमें एक रिपोर्ट 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष से संबंधित दिल्ली सरकार के कामकाज पर और दूसरी 2024-25 की राज्य वित्त व्यवस्था पर आधारित थी।

Delhi CAG Report: सरकारी खर्च और विभागों पर उठे सवाल

CAG यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्टें सरकारी खर्च, योजनाओं और विभागीय कामकाज की ऑडिट के आधार पर तैयार होती हैं। हाल में दिल्ली सरकार से संबंधित एक CAG रिपोर्ट में विभिन्न विभागों में राजस्व से जुड़ी अनियमितताओं, सिस्टम में खामियों और कुछ खर्चों को लेकर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में 2023-24 के दौरान 22 इकाइयों के रिकॉर्ड की जांच में GST, VAT, स्टांप ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन फीस, मोटर व्हीकल टैक्स और आबकारी से जुड़े 145 मामलों में कुल 220.59 करोड़ रुपये की कर एवं शुल्क संबंधी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

इसी आधार पर दिल्ली सरकार के मंत्री भी पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, CAG की आपत्तियां या ऑडिट निष्कर्ष अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं होते। अंतिम जिम्मेदारी और दोष तय करना संबंधित जांच तथा कानूनी प्रक्रिया का विषय है।

Delhi Jal Board Case: सत्येंद्र जैन का भी किया जिक्र

रेखा गुप्ता ने अपने बयान में दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित घोटाले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन ने जल बोर्ड में घोटाला किया और इसी मामले में वह जेल जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।

यह मामला दिल्ली की राजनीति में पहले से ही बड़ा मुद्दा बना हुआ है। हालिया घटनाक्रम में पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया है।

ऐसे में रेखा गुप्ता का ताजा बयान दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप को और तेज करने वाला माना जा रहा है। BJP सरकार जहां CAG रिपोर्टों और जांच को पिछली सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के आधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं AAP इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताती रही है।

Kejriwal Government पर BJP का लगातार हमला

दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही BJP सरकार ने पिछली AAP सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और सरकारी खर्च की जांच को राजनीतिक रूप से प्रमुख मुद्दा बनाया है। CAG रिपोर्टों को लेकर भी BJP नेताओं ने कई बार तत्कालीन सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

अगस्त में पेश एक CAG रिपोर्ट के बाद दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी आरोप लगाया था कि AAP सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। उन्होंने रिपोर्ट में कथित नियमों के उल्लंघन और मैनुअल टेंडर का मुद्दा उठाया था। इस पूरी राजनीतिक लड़ाई में CAG रिपोर्टें अब एक अहम दस्तावेज बन चुकी हैं। सरकार इन्हें पिछली व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का आधार बता रही है, जबकि विपक्ष की नजर जांच की निष्पक्षता और कार्रवाई की राजनीतिक दिशा पर है।

आगे क्या होगा?

CM रेखा गुप्ता ने साफ संकेत दिया है कि CAG रिपोर्टों को केवल विधानसभा में पेश करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उनका कहना है कि रिपोर्टों के आधार पर कार्रवाई चल रही है और जांच एजेंसियां संबंधित मामलों को देख रही हैं। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि इन रिपोर्टों में दर्ज आपत्तियों और कथित अनियमितताओं पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई ठोस रूप लेती है। फिलहाल, CAG रिपोर्टों को लेकर दिल्ली की सियासत गरम है और आने वाले दिनों में इन मामलों पर सरकार और AAP के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।