दिल्ली सरकार ने सफाई कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन कर सुनीता कांगड़ा को अध्यक्ष नियुक्त किया है। सरकार ने आयोग को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने का दावा किया।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर राज्य सरकार ने दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन किया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जनकल्याण से जुड़े तंत्र को अधिक मजबूत बनाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आयोग को अधिक जवाबदेह, सक्रिय और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए अनुभवी और योग्य व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे आयोग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मामलों का बेहतर तरीके से समाधान हो सकेगा।
CM Rekha Gupta का फोकस: सफाई कर्मचारियों के अधिकार और कल्याण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए जो संस्थागत व्यवस्था बनाई गई है, उसे और मजबूत करना सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में आयोग को मजबूत बनाना समय की जरूरत थी।
Delhi Safai Karmchari Aayog में नई नियुक्तियां
पुनर्गठन के तहत दिल्ली सरकार ने सुनीता कांगड़ा को दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष (चेयरपर्सन) नियुक्त किया है। इसके अलावा, मनोज कुमार और सुशांत सागर को आयोग का अंशकालिक (पार्ट-टाइम) सदस्य बनाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से आयोग की कार्यप्रणाली को नई दिशा मिलेगी और कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम किया जा सकेगा।
आयोग को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा जताया कि नई टीम के गठन के बाद आयोग पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और जन-केंद्रित तरीके से काम करेगा। उन्होंने कहा कि इससे सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों की सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की मजबूती से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
Kanwar Yatra 2026 को लेकर भी सरकार की बड़ी तैयारी
इस बीच, दिल्ली सरकार कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर भी तैयारियों में जुटी हुई है। हाल ही में सरकार ने कांवड़ शिविरों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की है। इन प्रस्तावों में सड़क किनारे लगाए जाने वाले अस्थायी कांवड़ कैंपों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने का सुझाव भी शामिल है। इन कैंपों का उपयोग कांवड़ यात्री अपनी यात्रा के दौरान विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए करते हैं।
कांवड़ कैंपों की आर्थिक सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार कांवड़ यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने कहा कि हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, महंगाई और कैंप संचालन की बढ़ती लागत को देखते हुए आर्थिक सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और आयोजकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।


