दिल्ली में स्वास्थ्य खरीद में पारदर्शिता हेतु केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) की जगह दिल्ली स्टेट हेल्थ कॉर्पोरेशन (DHSC) बनेगा। यह स्वायत्त संस्था ई-प्रोक्योरमेंट से खरीद करेगी। यह कदम कथित अनियमितताओं के बाद उठाया गया है।
दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग में खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय खरीद एजेंसी (Central Procurement Agency-CPA) की जगह अब दिल्ली स्टेट हेल्थ कॉर्पोरेशन (DHSC) बनाने की तैयारी की गई है। सरकार ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उपराज्यपाल के पास भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट और फिर विधानसभा में रखा जाएगा।
स्वायत्त संस्था के रूप में करेगा काम
नई एजेंसी को एक स्वायत्त (Autonomous) संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए अलग प्रशासनिक ढांचा और स्वतंत्र कैडर बनाया जाएगा, जबकि इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग के सचिवालय के पास रहेगी। सरकार का उद्देश्य दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है।
ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम से होगी खरीद
नई व्यवस्था में सभी खरीद प्रक्रियाएं केंद्र सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से कराई जाएंगी। इससे टेंडर और खरीद से जुड़ी प्रक्रिया डिजिटल होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही खरीद संबंधी निर्णयों में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका बढ़ाई जाएगी, जिससे जवाबदेही स्पष्ट रहे।
अनियमितताओं के बाद लिया गया फैसला
सरकार ने यह कदम स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया है। जांच के दौरान विजिलेंस विभाग ने संबंधित कार्यालय में जांच की थी, जहां कई जरूरी खरीद फाइलें उपलब्ध नहीं मिलीं। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
जिला स्तर पर बनेंगे मेडिकल स्टोर
नई प्रणाली में तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के मॉडल को अपनाने की योजना है। इसके तहत हर जिले में दवाओं और मेडिकल उपकरणों के आधुनिक स्टोर बनाए जाएंगे। इससे अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और आयुष्मान आरोग्य केंद्रों तक जरूरत के अनुसार दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति कुछ ही घंटों में सुनिश्चित की जा सकेगी।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों तक समय पर पहुंच सकेगा।


