हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जहां लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की, वहीं सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत के आंकड़े भी हैरान करने वाले रहे। सबसे बड़ी जीत नूहं दंगों के आरोपी मामन खान को मिली। जानते हैं सबसे कम अंतर से कौन जीता?

Haryana Assembly Election Biggest Margin Victory 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। राज्य के गठन के बाद से अब तक यानी 57 साल में कोई पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार नहीं बना पाई है। बीजेपी जहां 48 सीटें जीतने में कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस को 37 सीटों से संतोष करना पड़ा। हालांकि, राज्य में सबसे बड़ी जीत की बात करें तो वो कांग्रेस, जबकि सबसे छोटी जीत बीजेपी उम्मीदवार के नाम रही।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सिर्फ 32 वोटों से जीता BJP का ये उम्मीदवार

हरियाणा की उचाना कलां से बीजेपी उम्मीदवार देवेन्द्र अत्री ने सबसे छोटी जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस कैंडिडेट बृजेंद्र सिंह को महज 32 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। देवेंद्र अत्री को जहां 48,968 वोट मिले, वहीं बृजेंद्र सिंह को 48,936 मत प्राप्त हुए। इसी सीट पर दुष्यंत चौटाला को महज 7,950 वोट मिले और वो पांचवे नंबर पर रहे। AAP प्रत्याशी पवन फौजी इस सीट पर 8वें नंबर पर रहे।

मेवात दंगों के आरोपी को मिली सबसे बड़ी जीत

हरियाणा की फिरोजपुर झिरका सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मामन खान ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। नूंह-मेवात दंगों के आरोपी मामन खान ने 98,441 वोटो से बीजेपी उम्मीदवार नसीम अहमद को हराया। मामन खान को जहां 1,30,497 वोट मिले, वहीं नसीम अहमद को सिर्फ 32,056 वोट मिले। हालांकि, इतनी बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भी मामन खान की पार्टी सत्ता की कुर्सी से काफी दूर रह गई।

हरियाणा: क्या AAP ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल? 10 सीटों पर 1000 से भी कम वोट

फिरोजपुर झिरका सीट पर AAP को नोटा से भी कम वोट

बता दें कि हरियाणा की फिरोजपुर झिरका सीट पर AAP उम्मीदवार वसीम जफर को NOTA से भी कम वोट मिले। NOTA पर जहां 439 लोगों ने अपना वोट दिया, वहीं आप कैंडिडेट को सिर्फ 234 वोट ही मिले। बता दें कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी को हरियाणा के लोगों ने सिरे से नकार दिया है। 2019 के विधानसभा चुनाव के अलावा 2024 के लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में ही आप का कोई उम्मीदवार नहीं जीता है। हरियाणा से आप ने इस बार कांग्रेस से गठबंधन न करके 90 में से 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिली।

ये भी देखें: 

हरियाणा जीत में BJP के हीरो,5 Point में जानें कांग्रेस के जबड़े से कैसे छीनी जीत