Who is Humayun Kabir : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में अयोध्या की तर्ज पर बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर का विवादों से पुराना नाता है। वह कांग्रेस से लेकर बीजेपी तक से संस्पेंड हो चुके हैं।

West Bengal News : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी। कबीर ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंच पर मौलवियों के साथ फीता काटकर औपचारिकता पूरी की। इस मौके पर लाखों की संख्या में बंगाल के कई जिलों के मुसलमान जमा हुए। इस दौरान नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर के नारे लगाए गए। बंगाल के अलग-अलग जिलों से आए लोग कोई अपने साथ मस्जिद निर्माण के लिए ईंट लेकर पहुंचे थे। आइए जानते हैं कौन हैं निलंबित विधायक हुमायूं कबीर

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कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी में रहे हुमायूं कबीर कौन?

हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर जिले से टीएमसी से विधायक हैं। 62 साल के कबीर मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2011 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक का चुनाव जीता था। लेकिन एक साल बाद ही 2012 में उन्होंने कांग्रेस से आंतरिक कलह की वजह से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह साल 2013 में टीएमसी में शामिल हो गए और पहली बार में ही उन्हें ममता सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। लेकिन यहां भी वह ज्यादा दिन ठीक से नहीं टिक सके और दो साल बाद 2015 में उन्हें टीएमसी ने 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया। इसके बाद 2016 में वह निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। कबीर 2018 में बीजेपी में शामिल हो गए, जहां उन्होंने भाजपा का टिकट पर मुर्शिदाबाद से लोकसभा का चुनाव भी लड़े, लेकिन हार गए। फिर 2021 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत गए। लेकिन उन्होंने फिर बीजेपी से इस्तीफा दे दिया और एक बार फिर टीएमसी में शामिल हो गए।

मस्जिद के ऐलान के बाद हुमायूं को टीएमसी ने किया निलंबित

बता दें कि हुमायूं कबीर का विवादों से पुराना नाता है, उन्हें अपने विवादों की वजह से पार्टी ने कई बार निकाला है। इसी साल 25 नवंबर को जब कबीर ने ऐलान किया था कि वह अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के 33 साल पूरे होने पर बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बेलडांगा में मस्जिद का निर्माण करेंगे। इसके बाद टीएमसी ने उन्हें 4 दिसंबर को निलंबित कर दिया।