मध्य प्रदेश के खंडवा में सोमवार(7 अगस्त) शाम कांवड़ यात्रा पर पथराव के बाद तनाव की स्थिति है। यह मामला ऐसे वक्त में सामने आया है, जब हरियाणा के नूंह में हुए साम्प्रदायिक दंगे को लेकर बवाल मचा हुआ है।

खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा में सोमवार(7 अगस्त) शाम कांवड़ यात्रा पर पथराव के बाद तनाव की स्थिति है। यह मामला ऐसे वक्त में सामने आया है, जब हरियाणा के नूंह में हुए साम्प्रदायिक दंगे को लेकर बवाल मचा हुआ है। पथराव करने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार सर्चिंग कर रही है। तनाव देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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मप्र के खंडवा में कांवड़ यात्रा पर पथराव के बाद तनाव

पुलिस के मुताबिक, सोमवार को जय हिंदू राष्ट्र की कांवड़ यात्रा नगर भ्रमण पर निकली थी। कांवड़ यात्रा को महादेवगढ़ मंदिर तक जाना था। कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते-गाते जा रहे थे। रात करीब साढ़े 8 बजे कांवड़ यात्रा कहारवाड़ी क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उस पर पथराव हुआ। घटनास्थल महादेवगढ़ मंदिर से बमुश्किल 500 मीटर दूर है।

खंडवा के कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने कहा-खंडवा के कहारवाड़ी इलाके में कांवड़ यात्रा पर पथराव की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। पूरी घटना की वीडियो फुटेज जांची जाएगी। यदि कोई आरोपी वीडियो फुटेज में कोई हरकत करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में यातायात सामान्य हो गया है। हम स्थिति का आकलन करके आगे की कार्रवाई करेंगे।

खंडवा में कांवड़ यात्रा- उपद्रवियों के पथराव के बाद तनाव की स्थिति

जब कांवड़ यात्रा पुलिस चौकी से गुजर रही थी, तभी उस पर पथराव हुआ। करीब 5 मिनट तक कांवड़ यात्रा पर पत्थर बरसाए गए। इससे अफरा-तफरी की स्थिति मच गई। उपद्रवियों ने कुछ बाइक भी तोड़ीं। पथराव में तहसीलदार की गाड़ी के कांच भी टूट गए।

हैरानी की बात यह है कि जब यह पथराव हुआ, तब कांवड़ यात्रा के साथ करीब 500 पुलिसवाले तैनात थे। उपद्रवियों की हिम्मत देखकर पुलिस और प्रशासन भी सकते में आ गया। हालांकि तुरंत एक्शन लेकर उपद्रवियों पर लाठीचार्ज करके उन्हें वहां से खदेड़ा।

कलेक्टर अनूप कुमार सिंह के मुताबिक, कांवड़ यात्रा समापन पर थी, तभी यह पथराव किया गया। पुलिस को पहले से ही कांवड़ यात्रा के दौरान गड़बड़ी की आशंका थी, लिहाजा पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्रोन से निगरानी की जा रही थी। कलेक्टर ने कहा कि वीडियो फुटेज देखकर उपद्रवियों की पहचान की जाएगी। हालांकि कलेक्टर ने धारा 144 लागू करने जैसी स्थिति से मना किया।

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