मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल में दो बच्चों की जान बचाई गई। एक के गले में सीटी और दूसरे के गले में 5 रुपये का सिक्का फंस गया था। डॉक्टर ने सफल ऑपरेशन कर जान बचाई।

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल में दो बच्चों की जान बचाने का चमत्कारी मामला सामने आया है। एक मासूम के गले में प्लास्टिक की सीटी फंस गई थी, जबकि दूसरे बच्चे ने खेल-खेल में 5 रुपये का सिक्का निगल लिया। दोनों की हालत नाजुक थी, लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते उन्हें बचा लिया।

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गले में फंसी सीटी से बिगड़ी हालत, निकलने लगा था खून 

मामला छतरपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र का है। ग्राम सिमरधा निवासी सरदेव पटेल के डेढ़ वर्षीय पुत्र प्रथम पटेल ने खेलते-खेलते प्लास्टिक की सीटी निगल ली, जो उसकी श्वास नली में फंस गई। जब परिजन बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, तब उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और उसके मुंह से खून निकलने लगा था। डॉ. मनोज चौधरी और उनकी टीम ने तुरंत जांच शुरू की और मासूम के गले में फंसी सीटी को बड़ी मशक्कत के बाद निकाल दिया। डॉक्टर के अनुसार, अगर थोड़ा भी विलंब होता, तो बच्चा दम घुटने से बेहोश हो सकता था।

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5 रुपये का सिक्का फंसा, दर्द से तड़पती रही बच्ची

दूसरा मामला छतरपुर जिले के खैरों गांव का है, जहां तीन वर्षीय रीता राजपूत ने खेलते समय 5 रुपये का सिक्का निगल लिया। सिक्का उसके गले में फंस गया और वह दर्द से तड़पने लगी। कुछ भी खाने-पीने में असमर्थ बच्ची को उसके परिजन घबराते हुए अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉ. मनोज चौधरी ने विशेषज्ञता दिखाते हुए सिक्के को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। अब दोनों बच्चे खतरे से बाहर हैं और जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।

बच्चों को बचाने में माहिर हैं डॉ. मनोज चौधरी 

डॉ. मनोज चौधरी का नाम छतरपुर जिला अस्पताल में बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए जाना जाता है। बीते 3 वर्षों में उन्होंने 300 से ज्यादा बच्चों के गले में फंसे सिक्के, सीटी और अन्य चीजों को निकालकर उनकी जान बचाई है। इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं।

माता-पिता रहें सतर्क! 

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि छोटे बच्चों को खेलते समय ध्यान देना बेहद जरूरी है। प्लास्टिक की सीटी, छोटे सिक्के, बटन जैसी चीजें उनके गले में फंस सकती हैं, जिससे जानलेवा स्थिति बन सकती है। यदि ऐसी स्थिति बने, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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