मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और जनहितैषी नीतियों को इसका श्रेय दिया, साथ ही आगामी आईटी कॉन्क्लेव से रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद जताई।

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में गत दशक में 17 करोड़ लोग गरीबी के कुचक्र से बाहर आए हैं। विश्व बैंक के अनुसार भारत में 171 मिलियन लोगों का अत्यधिक गरीबी से बाहर आना इस दशक की उल्लेखनीय उपलब्धि है। देश में मध्यप्रदेश उन 5 राज्यों में शामिल है , जहां इस क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य हुआ है। इस तरह गरीबी के विरूद्ध प्राप्त हो रही सफलता में मध्यप्रदेश प्रमुख सहयोगी राज्य बना है। मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट बेहतर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण मानते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। साथ ही प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मीडिया को दिए संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की जनहितैषी नीतियों का परिणाम है कि देश में समावेशी विकास और ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लक्षित कल्याणकारी योजनाओं, आर्थिक सुधारों और आवश्यक सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच में वृद्धि हुई है। भारत ने गरीबी के स्तर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति प्राप्त की।

आईटी कॉन्क्लेव से बढ़ेंगे रोजगार अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। इंदौर में 27 अप्रैल को हो रही आईटी कॉन्क्लेव औद्योगिक रफ्तार बढ़ाने का कार्य करेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आकाशी युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश उन राज्यों में है, जहां औद्योगिक निवेश में तेजी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी क्षेत्र के विशेषज्ञों की इस कॉन्क्लेव में उत्साहपूर्ण भागीदारी का स्वागत किया है।