क्या मध्यप्रदेश में अब और तेज होगी विकास की रफ्तार? क्या आदिवासी जिलों की बदलेगी तस्वीर? क्या हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार? क्या NH-347B बनेगा विकास का नया कॉरिडोर?

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा मध्यप्रदेश में 4,415.60 करोड़ रुपये की लागत वाली दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार होने का सीधा लाभ विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है और इसी वजह से मध्यप्रदेश में विकास की गति लगातार तेज हो रही है।

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बैतूल, खंडवा, खरगौन और बड़वानी को मिलेगा बड़ा फायदा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की इस बड़ी सौगात से प्रदेश के जनजातीय बहुल जिले बैतूल, खंडवा, खरगौन और बड़वानी के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

NH-347बी के दो अहम सड़क प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

नई दिल्ली में 3 जून को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एनएच-347बी से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इसके तहत हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड पर मौजूदा इंटरमीडिएट लेन को पक्के शोल्डर मानक के साथ दो लेन सड़क में अपग्रेड किया जाएगा। यह सड़क लगभग 125.01 किलोमीटर लंबी होगी। इसके अलावा देशगांव-जुलवानिया खंड को हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत दो लेन से चार लेन सड़क में बदला जाएगा। इस हिस्से की लंबाई करीब 108.643 किलोमीटर होगी।

233 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर खर्च होंगे 4,415 करोड़ रुपये

सरकार द्वारा स्वीकृत इन दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 233.653 किलोमीटर बताई गई है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 4,415.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत खरगौन जिले में 16.20 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो सकेगी।

पीएम गतिशक्ति योजना से जुड़ेगा आधुनिक रोड नेटवर्क

बताया गया है कि यह उन्नत सड़क कॉरिडोर प्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। साथ ही, यह छह पीएम गतिशक्ति आर्थिक नोड्स को जोड़ते हुए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाएगा। सरकार का मानना है कि इससे परिवहन सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योग, व्यापार तथा पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।