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देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब मौतों का केंद्र, नलों से निकल रहा 'जहर'! जिम्मेदार कौन?
Indore Water Deaths: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 12 मौतें, सैकड़ों भर्ती, सरकार और हाईकोर्ट ने की जांच और मुफ्त इलाज की घोषणा। क्या मासूमों और बुजुर्गों की जान लेने वाला पानी सिर्फ संयोग है या प्रशासन की लापरवाही? जानिए पूरा मामला।

भागीरथपुरा में गंदे पानी का रहस्य, क्या जिम्मेदार करेंगे जवाबदेह?
Indore Civic Negligence: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधाानी कहा जाने वाला इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, अब अपने नलों में 'जहर' बहने की वजह से सुर्खियों में है। भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को चार और मौतों की खबर आई, जिनमें 5 महीने का मासूम बच्चा और तीन बुजुर्ग शामिल हैं। इस हादसे ने शहरवासियों में डर और चिंता दोनों बढ़ा दी हैं।
मासूम की मौत: क्या दूध में मिला पानी घातक था?
5 महीने के मासूम अव्यान की मौत ने सबको हिला दिया। उसके माता-पिता ने बताया कि बच्चे को बाहरी दूध दिया जा रहा था, जिसमें थोड़ी मात्रा में नगर निगम का पानी मिला। इसे पीने के कुछ ही समय में बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पिता सुनील साहू ने बताया कि यह उनका 10 साल का सपना था और बेटा जन्म लेने के बाद ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन दूषित पानी ने उनकी खुशियों को मात दे दी।
बुजुर्गों की मौत और स्वास्थ्य संकट
पानी की टंकी के पास रहने वाले 80 वर्षीय जीवनलाल बरेडे और 70 वर्षीय शंकर भाया समेत अन्य बुजुर्गों की भी मौत हो गई। इनके परिजनों का कहना है कि ये लोग पहले से बीमार थे और दूषित पानी पीने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। अब तक शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में 212 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 26 आईसीयू में हैं।
कौन जिम्मेदार? मंत्री बोले, मीडिया पर भड़के
इस घटना पर स्थानीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से नाराजगी जताई और कहा कि फालतू सवाल न पूछे जाएँ। लेकिन लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शहर का स्वच्छतम पानी इतना जहरीला कैसे हो गया।
देश के सबसे साफ शहर का ढोल पीटा जाता है, लेकिन वहीं गंदा पानी पीकर 10+ लोगों की मौत हो गई।
जिन पर साफ पानी की जिम्मेदारी है, वो सवालों को “फोकट” और जवाबों को “घंटे” में उड़ा रहे हैं।
वाह! जवाबदेही नहीं, सिर्फ घमंड।@Anurag_Dwary#Indorepic.twitter.com/nM9cP3OXJB— Meenu Thakur (@JournoMeenu) January 1, 2026
40 हजार की जांच, हाई कोर्ट का आदेश और मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य विभाग ने 39,854 लोगों की जांच और 7,992 घरों का सर्वे किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। हाई कोर्ट ने निर्देश दिए कि जितने भी मरीज भर्ती हैं, उन्हें मुफ्त और उच्च स्तरीय इलाज दिया जाए। अगली सुनवाई 2 जनवरी को होने वाली है।
क्या इंदौर का पानी अब सुरक्षित है?
भागीरथपुरा में हुई यह घटना पूरे शहर के लिए चेतावनी है। मासूमों और बुजुर्गों की जान लेने वाला यह पानी अब शहरवासियों में डर और शंका दोनों बढ़ा रहा है।
> 5 de@d after drinking contaminated water in Indore, MP
> 40 fell ill
> When their family members brought them, they were asked for 50k rs
> BJP is ruling this state for more than 15 years
> There is no value of human life in BJP ruled states.pic.twitter.com/yqKdqcnDT1— Tarun Gautam (@TARUNspeakss) December 31, 2025
क्यों हुई ऐसी घटना?
इंदौर के भागीरथपुरा की यह घटना साफ करती है कि शहर की स्वच्छता का तमगा सिर्फ दिखावा नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन की सतर्कता ही अब लोगों की जान बचा सकती है।
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