पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई है। वहीं डीजल निर्यात और एटीएफ पर शुल्क बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को आम जनता के हित में बताया है।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।

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डीजल निर्यात और एटीएफ पर बढ़ाया गया शुल्क

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और हवाई ईंधन (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाया है। यह कदम देश में ईंधन की उपलब्धता को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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पेट्रोल-डीजल कीमत नियंत्रण में मिलेगा फायदा

डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं पर कम पड़ेगा।

आम जनता को राहत और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही, आम लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी।