MP Employment: भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘विकसित भारत-बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव में निवेश, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर सरकार की योजनाएं गिनाईं। उन्होंने निवेश, सरकारी भर्तियों, उज्जैन पर्यटन, सड़क नेटवर्क और वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लक्ष्यों की जानकारी दी।

Madhya Pradesh Development: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में आयोजित ‘विकसित भारत- बढ़ता मध्यप्रदेश’ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है।

निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है और औद्योगिक निवेश के जरिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार निवेशकों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में उद्योगों के लिए 25 नीतियां लागू हैं और निवेश को जमीन पर उतारने के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सामान्य तौर पर औद्योगिक निवेश का करीब 10 प्रतिशत ही धरातल पर आता है, जबकि मध्यप्रदेश में पिछले ढाई साल में करीब 30 प्रतिशत निवेश जमीन पर आ चुका है।

GIS-2025 के निवेश को लेकर क्या बोले CM?

डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। उनके अनुसार, इनमें से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश अब तक जमीन पर आ चुका है और बाकी परियोजनाओं पर भी काम जारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और औद्योगिक संभावनाएं मध्यप्रदेश को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बनाती हैं। कृषि, अनाज उत्पादन, खनन, कपास और हीरा उत्पादन को भी उन्होंने प्रदेश की प्रमुख ताकतों में गिनाया।

प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपये थी। उनके अनुसार, इसके बाद यह बढ़कर 1.40 लाख रुपये और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 1.57 लाख रुपये तक पहुंची है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को 22.50 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इसे दीर्घकालिक विकास की रणनीति का हिस्सा बताया।

केन-बेतवा और PKC परियोजना का जिक्र

डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संसाधनों से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को पानी मिलेगा, जबकि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद की चुनौती को समाप्त किया है।

सरकारी नौकरियों और MSME रोजगार पर आंकड़े

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में करीब 85 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्ती की जा चुकी है और हर साल करीब एक लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि करीब ढाई लाख लोगों को पदोन्नति दी गई है।

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश के MSME क्षेत्र से करीब 1.20 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। वहीं, लगभग दो करोड़ किसान खेती से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का जोर युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनाने पर है।

उज्जैन में बढ़ते धार्मिक पर्यटन का दावा

मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमहाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा बदलाव आया है।

उनके अनुसार, वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 लाख श्रद्धालु आते थे, जबकि पिछले साल यह संख्या बढ़कर करीब 8 करोड़ हो गई। उन्होंने इस साल करीब 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई। साथ ही 2028 के सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर कनेक्टिविटी और सुविधाएं बढ़ाने की बात कही।

25 सितंबर से शुरू होंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसें

डॉ. यादव ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारंगी रंग की ये बसें मध्यप्रदेश के साथ अन्य राज्यों में भी संचालित होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों को पंजीकरण में छूट देने का भी प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के करीब 5 लाख किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि गड्ढों की शिकायत के लिए लोक निर्माण विभाग ने ऐप तैयार किया है।

स्कूल शिक्षा और जर्जर भवनों पर भी बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 38 हजार करोड़ रुपये किया है। उन्होंने दावा किया कि लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों के लिए फंड जारी किया गया है और अगले दो साल में प्रदेश का कोई भी विद्यालय जर्जर भवन में संचालित नहीं होगा।

AI के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन एआई प्लेटफॉर्म से मिलने वाली गलत जानकारी को सुधारना भी जरूरी है। उन्होंने ChatGPT और Grok जैसे प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए अपनी एक बातचीत का जिक्र किया।

फिजूलखर्ची पर क्या बोले मोहन यादव?

निजी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बेटों की शादी सामूहिक आयोजन में की। उन्होंने कहा कि शादियों में अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, बड़े पद पर बैठे लोगों द्वारा परिवार में इस तरह के मितव्ययी फैसले लेने से समाज में उसका प्रभाव पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दीर्घकालिक विकास, रोजगार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं को आगे बढ़ाना है।