CM मोहन यादव को मुंबई में निवेशकों से ₹90 हजार करोड़ के निवेश का आश्वासन मिला। MP में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, EV और अन्य उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने की संभावनाओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के करीब 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। मुंबई में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों के बाद प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आश्वासन मिला है। मुख्यमंत्री ने फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य क्षेत्रों के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

MP Investment News: मध्यप्रदेश में ₹90 हजार करोड़ के निवेश का आश्वासन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुंबई में आयोजित 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। राज्य सरकार निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और उद्योगों के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों में से लगभग 30 प्रतिशत को जमीन पर उतारा जा चुका है। उनके अनुसार, यह राज्य में उद्योग और व्यापार के लिए उपलब्ध अवसरों का संकेत है।

उन्होंने फार्मा और मेडिकल डिवाइस समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की और उद्योग जगत से मध्यप्रदेश आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने सभी उद्योगपतियों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया।

MP Maharashtra Relations: महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के रिश्तों पर क्या बोले CM मोहन यादव?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के संबंधों की तुलना एक मां की दो संतानों से की। उन्होंने कहा कि मुंबई को निवेश और वित्तीय गतिविधियों की गहरी समझ रखने वाले महानगर के रूप में जाना जाता है, जबकि मध्यप्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो निवेशक एक बार मध्यप्रदेश आता है, वह यहां के अनुभव को भूल नहीं पाता। उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश देश में औद्योगिक निवेश के तेजी से उभरते केंद्रों में शामिल हो रहा है। महाराष्ट्र के कई बड़े औद्योगिक घरानों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को यहां कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने में आसानी हो।

PM Modi News: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की अर्थव्यवस्था पर CM का बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश सत्र में वेलस्पन ग्रुप, सन फार्मा और दूसरे संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे। उनके अनुसार, उद्योग और कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे बदलावों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी राज्यों के बीच बेहतर तालमेल के साथ विकास करने का उदाहरण पेश किया था। मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर बना सरदार सरोवर बांध इसका उदाहरण है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस परियोजना से मध्यप्रदेश और गुजरात को पानी मिला और राजस्थान के हितों का भी ध्यान रखा गया।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ावा दिया और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किया। उनके अनुसार, आज वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत हो रही है और देश एक सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनसेवा के साथ देशवासियों को स्वाभिमान से जीना सिखाया है। उन्होंने 2014 से पहले और पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक पहचान में काफी परिवर्तन हुआ है। उनके मुताबिक, जीएसटी सहित व्यापार और व्यवसाय से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है और भारत जी20 जैसे वैश्विक मंचों पर अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

Make in India: मोबाइल सेमीकंडक्टर और EV सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 'वी विल डू इट' यानी हम यह कर सकते हैं का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया में अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आजादी के बाद 2015 से 2025 के बीच के दशक में कृषि क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई। उन्होंने निर्माण, नवाचार, नेतृत्व और प्रतिभा के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्र भारत की नई पहचान बन रहे हैं।

खेलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत रहे हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में भारत के चौथे स्थान पर रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि एशियाड हो या ओलंपिक, भारत के खिलाड़ी हर मंच पर सफलता हासिल करने की क्षमता रखते हैं।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ समझौता होगा, लेकिन भारतीय नागरिकों के आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, यह देश के स्वाभिमान को बनाए रखते हुए वैश्विक संबंध निभाने का उदाहरण है।

MP Industrial Investment: मध्यप्रदेश में निवेश के लिए जमीन, संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में बड़े स्तर पर निवेश लाने के लिए स्थिर नेतृत्व, स्पष्ट नीतियां, पर्याप्त जमीन और उद्योगों के अनुकूल वातावरण जरूरी है। मध्यप्रदेश में इन सुविधाओं को विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को भौगोलिक रूप से भी फायदा मिलता है। राज्य सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS), रोडशो और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए निवेशकों तक पहुंच बनाई है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार निवेशकों को उनकी पात्रता के अनुसार प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रदेश में करीब पांच लाख किलोमीटर के सड़क नेटवर्क और एक लाख एकड़ के लैंड बैंक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खनिज, वन, ऊर्जा और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े क्षेत्रों में छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों की स्थापना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए जरूरी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल सकें।

MP Government Industrial Policy: फाइलों से ज्यादा फैसलों पर जोर, 25 नीतियों से उद्योगों को मदद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने के लिए 25 सरल नीतियां लागू की गई हैं। सरकार का जोर फाइलों को आगे बढ़ाने के बजाय समय पर निर्णय लेने पर है। उन्होंने कहा कि भोपाल से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, रायपुर, बेंगलुरु और दूसरे शहरों के लिए सीधी विमान सेवाएं उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी के तहत वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की सुविधा भी दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य में हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश से खाड़ी देशों के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत की गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय संपर्क और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को चार रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में मुंबई की यह उनकी आठवीं यात्रा है। इस दौरान उद्योगपतियों के साथ लगातार संवाद किया गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में हुई बैठकों के परिणामस्वरूप करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आश्वासन मिला है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों का नतीजा बताया।

MP Investment Policy: निवेशकों को कस्टमाइज्ड पैकेज और औद्योगिक सुविधाएं देने की तैयारी

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने सत्र में मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी, बिजली, प्राकृतिक संसाधन, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य की भौगोलिक स्थिति बड़े उपभोक्ता बाजारों तक पहुंच आसान बनाती है। मध्यप्रदेश में आठ एयरपोर्ट, 22 प्रमुख रेल जंक्शन, एक लाख एकड़ से अधिक तैयार औद्योगिक भूमि और 50 हजार एकड़ से ज्यादा विकसित की जा रही औद्योगिक भूमि उपलब्ध है।

नीरज मंडलोई ने कहा कि सरकार निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड जोन, विशेष निवेश पैकेज और अलग-अलग क्षेत्रों के लिए औद्योगिक पार्क विकसित करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में 18 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं। इनका उद्देश्य अलग-अलग उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देना है।

Pharma Investment in MP: 300 से ज्यादा फार्मा इकाइयां, मेडिकल डिवाइस सेक्टर में भी अवसर

नीरज मंडलोई ने फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र को मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण निवेश क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही 300 से अधिक फार्मा इकाइयां काम कर रही हैं। इसके अलावा 30 से अधिक सक्रिय औषधीय घटक (API) और बल्क ड्रग निर्माता तथा 57 से ज्यादा मेडिकल डिवाइस निर्माता भी यहां मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इन-हाउस अनुसंधान एवं विकास (R&D), परीक्षण सुविधाओं और गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़ी गतिविधियों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा नेटवर्क भी इस क्षेत्र के लिए बाजार उपलब्ध कराता है। नीरज मंडलोई के अनुसार, मध्यप्रदेश में 2,700 से अधिक निजी अस्पताल और 12,100 से ज्यादा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। इससे दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उत्पादों की मांग के लिए अवसर बनते हैं।

उन्होंने उद्योग जगत से फार्मा और मेडिकल डिवाइस के साथ टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, टेलीकॉम और पर्यटन क्षेत्रों में भी निवेश करने की अपील की।

Invest MP Portal 3.0: निवेश प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार ने इन्वेस्ट मध्यप्रदेश पोर्टल 3.0 के जरिए निवेश की प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस पोर्टल पर निवेशकों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली, जीआईएस लैंड बैंक, सिंगल कम्प्लायंस, फेसलेस इंसेंटिव डिस्बर्सल और इंसेंटिव कैलकुलेटर शामिल हैं।

इन सुविधाओं का उद्देश्य निवेशकों को जमीन की उपलब्धता, अनुपालन और प्रोत्साहन राशि से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। सरकार का प्रयास है कि उद्योग लगाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कम हो और निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें।

IPCA Pharma: 40 साल के अनुभव में मध्यप्रदेश में नहीं आई बड़ी समस्या

निवेश सत्र में इप्का फार्मा के प्रबंध निदेशक अजीत जैन ने मध्यप्रदेश में निवेश करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग लगाने के लिहाज से एक आदर्श स्थान है और उन्हें यहां पिछले 40 वर्षों में कोई बड़ी समस्या नहीं आई। अजीत जैन ने बताया कि यदि कभी कोई छोटी-मोटी दिक्कत सामने आई भी, तो शासन और प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए उसका जल्द समाधान किया। उन्होंने राज्य में उपलब्ध संसाधनों और सरकार के सकारात्मक रवैये को उद्योगों के लिए मददगार बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता है। तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी संस्थाएं भी मौजूद हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित श्रमबल मिल सकता है। अजीत जैन के मुताबिक, उद्योग विभाग का सहयोग और सरकार का सक्रिय रवैया कारोबार को आसान बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रमिकों के लिए आवासीय व्यवस्था करने में भी सरकार ने मदद की है। सन फार्मास्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।

Vikram Udyogpuri Ujjain: पांच औद्योगिक इकाइयों को निवेश के लिए आशय पत्र

कार्यक्रम के दौरान उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी के दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के फेस-2 में निवेश के लिए पांच औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र प्रदान किए गए। यह कदम उज्जैन में औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और नए निवेश को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल नीतियां, जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर बना रहेगा। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए राज्य सरकार इन निवेश प्रयासों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।