मध्यप्रदेश गृह विभाग 14 अप्रैल को 87 बंदियों को समय पूर्व रिहा करेगा और 7 की सजा कम करेगा। यह निर्णय डॉ. अम्बेडकर जयंती के अवसर पर लिया गया है। यह कदम अच्छे आचरण वाले बंदियों को वर्ष में 5 मौकों पर दी जाने वाली राहत नीति का हिस्सा है।

गृह विभाग का बड़ा निर्णय, 14 अप्रैल को 87 बंदियों की होगी समय पूर्व रिहाई, 7 को मिलेगी सजा में छूट

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- 5 अवसरों पर बंदियों को मिलती है राहत - इस छूट से जेल में बेहतर आचरण करते हैं बंदी

भोपाल। मध्यप्रदेश गृह विभाग ने 7 अप्रैल को बंदियों को लेकर बड़ा निर्णय किया। विभाग ने 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर आजीवन कारावास की सजा से दंडित 87 बंदियों की समयपूर्व रिहाई और गैर-आजीवन कारावास की सजा से दंडित 7 बंदियों को सजा में छूट-विशेष परिहार देने का निर्णय किया है।

5 अवसरों पर बंदियों को मिलती है राहत

गृह विभाग के आदेश के अनुसार, प्रदेश की जेलों में निरूद्ध अच्छे आचरण वाले बंदियों को वर्ष में 5 अवसरों, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस, 14 अप्रैल यानी डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती, 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस, 2 अक्टूबर यानी (महात्मा गांधी जयंती और 15 नवंबर यानी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर आजीवन कारावास के दंडितों को उनकी सजा में छूट प्रदान कर समय पूर्व रिहाई और सजा में छूट-विशेष परिहार दिए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

कैदियों की सजा कम-ज्यादा ऐसे होती है?

गौरतलब है कि, 26 जनवरी- 2026 को भी 94 दंडित बंदियों को समय-पूर्व रिहाई-सजा में छूट प्रदाय की गई थी। शासन आदेश के माध्यम से 5 अवसरों पर दंडित बंदियों को समय-पूर्व रिहाई/सजा में छूट प्रदाय किए जाने से, बंदियों के द्वारा जेल में अच्छा आचरण किया जाता है। इससे जेलों में प्रशासनिक व्यवस्था अच्छी रहती है। बंदियों को जेल से छूटने के पश्चात् पुनर्वास में आसानी होती है। साथ ही इससे जेलों में ओवरक्राउडिंग में भी कमी आती है।