Wheat Procurement 2026: गेहूं खरीद को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी पूरी कर ली है। 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग और 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी। पंजीकृत किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जाएगा, छोटे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।

प्रदेश के किसानों के लिए इस बार गेहूं बेचने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान बनाने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों को उपार्जन केंद्र तक पहुंचने या गेहूं बेचने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी को लेकर उच्च स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

आसान होगी पूरी प्रक्रिया, किसानों को नहीं होगी परेशानी

सरकार का फोकस इस बार पूरी व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने पर है। साफ निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया ऐसी हो, जिसमें किसान बिना किसी झंझट के अपना अनाज बेच सकें। लक्ष्य यह है कि किसानों को लाइन, देरी या तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

Scroll to load tweet…

रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर किसान से होगी खरीद

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। यानी जिन किसानों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन कर लिया है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।

7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग, 10 अप्रैल से खरीद शुरू

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 7 अप्रैल से किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। इसके बाद 10 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। इससे किसानों को समय पर अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा।

छोटे किसानों को प्राथमिकता

सरकार ने इस बार छोटे किसानों को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि जिन किसानों के पास कम जमीन है, उनका गेहूं पहले खरीदा जाएगा, ताकि उन्हें जल्दी भुगतान मिल सके और उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

निगरानी के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है। इससे किसी भी समस्या की तुरंत जानकारी मिलेगी और उसका समाधान तेजी से किया जा सकेगा।

बारदाने की कमी नहीं होगी

गेहूं खरीद के लिए जरूरी बारदाने (बोरी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार और जूट कमिश्नर सहित अन्य एजेंसियों से लगातार संपर्क में रहकर सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है।

किसानों के साथ सरकार की प्रतिबद्धतासरकार ने दोहराया है कि किसानों का कल्याण उसकी प्राथमिकता है और हर हाल में किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी। उपार्जन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए मंत्रिमंडल उप समिति और किसान प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई है।

कुल मिलाकर, इस बार सरकार की कोशिश है कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और किसान हित में हो, ताकि किसानों को अपनी मेहनत का सही दाम समय पर मिल सके।