MP कैबिनेट ने ₹41 हजार करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी। प्रमुख फैसलों में ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार, डेयरी विकास, पश्चिम भोपाल बायपास, 3 नए विश्वविद्यालय और किसानों से मूंग खरीदी शामिल हैं।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 1 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने करीब 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और योजनाओं को मंजूरी दी।

ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी

कैबिनेट ने ‘वीबी जी राम जी विकसित भारत योजना’ को मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इच्छुक वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 100 की जगह 125 दिन के श्रम आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। योजना में पारदर्शिता के लिए डिजिटल मस्टर रोल, बायोमेट्रिक उपस्थिति और सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था होगी। प्रत्येक जिले में शिकायतों के समाधान के लिए लोकपाल नियुक्त किया जाएगा।

डेयरी विकास के लिए 2,973 करोड़ रुपये

दुग्ध उत्पादकों के हित में कैबिनेट ने 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी। अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक करने और दूध संग्रह क्षमता को 12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

पश्चिम भोपाल बायपास बनेगा 4-लेन

35.61 किलोमीटर लंबे पश्चिम भोपाल बायपास के 4-लेन निर्माण के लिए 3,225 करोड़ रुपये से अधिक की संशोधित वित्तीय स्वीकृति दी गई। बायपास बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर आने-जाने वाले वाहनों को भोपाल से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और करीब 21 किलोमीटर की दूरी कम होगी।

भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में 3 नए विश्वविद्यालय

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 3 नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई। ये विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में होंगे। मौजूदा आरजीपीवी से जुड़े तकनीकी संस्थानों को संभागवार इन तीन विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार में बांटा जाएगा।

बीना-मालथौन मार्ग को भी मंजूरी

कैबिनेट ने मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन 4-लेन मार्ग के निर्माण के लिए 2,776 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति दी। यह मार्ग क्षेत्रीय और औद्योगिक यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी बड़ा फैसला

प्रदेश की चिकित्सा संस्थाओं में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915.77 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

किसानों को मूंग की उपज पर राहत

कैबिनेट ने पंजीकृत किसानों से मूंग की उपज का 60 प्रतिशत तक उपार्जन करने के मुख्यमंत्री के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया। इससे बड़ी संख्या में मूंग उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।