चित्रकूट में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का CM मोहन यादव ने जायजा लिया। अधिकारियों को राहत, भोजन, पानी, चिकित्सा और नुकसान के आकलन के निर्देश दिए।

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन को पूरी गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री 30 अगस्त की सुबह सतना जिले के चित्रकूट पहुंचे और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली।

चित्रकूट के दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने सतना जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों तक तत्काल जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि आपदा की स्थिति में जनता को राहत देने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

MP Flood News: चित्रकूट में अधिकारियों को तीन दिन रुककर राहत कार्य देखने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों की लगातार निगरानी के लिए अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी है। उनके निर्देश पर संबंधित अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में रहकर राहत एवं सहायता कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा करने और जरूरत के मुताबिक मौके पर ही व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में रात्रि विश्राम करने के लिए भी कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में एसबीआरएफ और एनडीआरएफ का उचित सहयोग लेने के निर्देश भी दिए हैं।

Satna News: स्कूलों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को छुट्टी

अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सभी विद्यालयों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। सतना कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को जिले की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों के साथ-साथ बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Chitrakoot Flood: प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित सभी नागरिकों के लिए भोजन, कपड़े, साफ पेयजल और चिकित्सा सहित जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। जिन ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, उनके लिए भी शुद्ध पेयजल और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही प्रभावित लोगों तक सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को यह भी कहा गया है कि राहत सामग्री वितरण में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और जरूरतमंद परिवारों तक सामग्री सीधे पहुंचाई जाए।

MP Flood Relief: नुकसान का आकलन कर जल्द दी जाएगी सहायता

मुख्यमंत्री ने बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के प्रावधानों के तहत विभिन्न प्रकार की क्षति के लिए निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए। इससे प्रभावित परिवारों को नुकसान के अनुसार सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

Chitrakoot News: श्रद्धालुओं की भी मदद करेगा प्रशासन

चित्रकूट में इस समय स्थानीय निवासियों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि के कारण किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन को स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं की जरूरतों पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

CM Mohan Yadav: ओरछा से भी लेते रहे सतना के हालात की जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट का दौरा करने के बाद निवाड़ी जिले के ओरछा में संगठन की बैठक में शामिल हुए। हालांकि, उन्होंने वहां से भी सतना जिले में चल रहे राहत कार्यों की लगातार जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दिनभर जिला प्रशासन से संपर्क बनाए रखा और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते रहे। उनका स्पष्ट निर्देश रहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को तत्काल मदद मिले और प्रशासन मौके पर सक्रिय रहकर काम करे।

CM Mohan Yadav के प्रमुख निर्देश

  • सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल और चिकित्सा समेत जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
  • प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
  • रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों के लिए साफ पेयजल और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन समय पर पूरा किया जाए।
  • संबंधित अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करें और जरूरत पड़ने पर वहीं रात्रि विश्राम करें।
  • राहत एवं बचाव कार्यों में एसबीआरएफ और एनडीआरएफ का समुचित सहयोग लिया जाए।
  • प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
  • प्रशासन के साथ स्वैच्छिक संगठनों और अन्य सहयोगियों से प्राप्त राहत सामग्री भी जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाए।
  • चित्रकूट में मौजूद स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं को भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।