मध्य प्रदेश में संबल योजना 2.0 की 11वीं किश्त जारी कर दी गई है। CM मोहन यादव ने 9,149 श्रमिक हितग्राहियों के खातों में 203 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। जानिए सामान्य मृत्यु, दुर्घटना और दिव्यांगता पर मिलने वाली सहायता की पूरी जानकारी।
रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2.0 के तहत 11वीं किश्त जारी कर दी है। 24 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास से आयोजित कार्यक्रम में 9,149 पात्र हितग्राहियों के खातों में कुल 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि ट्रांसफर की गई।
मुश्किल वक्त में सरकार साथ खड़ी: CM
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की सेवा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की असामयिक मृत्यु या अचानक आर्थिक संकट आने पर संबल योजना मुश्किल समय में आर्थिक सहारा देती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, संबल योजना अब तक प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दे चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार विभागीय योजनाओं के लंबित मामलों का बैकलॉग खत्म करते हुए पात्र हितग्राहियों को सहायता उपलब्ध करा रही है।
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मृत्यु से दिव्यांगता तक मिलती है आर्थिक मदद
संबल योजना के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में सहायता राशि का प्रावधान है। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाती है। अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रुपये का प्रावधान है। आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। 11वीं किश्त में सामान्य मृत्यु के 8,027, दुर्घटना मृत्यु के 1,034, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 और स्थायी दिव्यांगता के 22 हितग्राही शामिल रहे।
गर्भवती श्रमिक महिलाओं को ₹16 हजार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 16 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, ताकि गर्भावस्था के दौरान आर्थिक परेशानी कम हो और मां-बच्चे के पोषण का ध्यान रखा जा सके। इसके अलावा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 में शामिल किया गया है। संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से जोड़ने और श्रमिक परिवारों के बच्चों की मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग व पॉलीटेक्निक की पढ़ाई में फीस संबंधी सहायता का भी प्रावधान बताया गया।
श्रमिकों की सुरक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ‘श्रम स्टार रेटिंग’ शुरू की गई है। श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘श्रमणा’ योजना की शुरुआत का भी उल्लेख किया गया। सरकार का कहना है कि संबल योजना का उद्देश्य आर्थिक संकट के समय श्रमिक परिवारों को तत्काल सहारा देना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में मजबूत करना है।
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