मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है। दतिया में CM ने गेहूं पर ₹2700 MSP, दिन में बिजली और कृषि ऋण चुकाने की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की। सरकार खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दे रही है।

मध्य प्रदेश में खेती-किसानी को लेकर सरकार का फोकस अब सिर्फ उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आमदनी और सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 24 अगस्त को दतिया में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संदेश दिया।

किसान कल्याण के लिए मिशन मोड में सरकार

मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता के खेत-खलिहान और घर-आंगन में समृद्धि लाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दतिया की पहचान पीतांबरा माई के प्रसाद के साथ यहां के गुड़ से भी है, जिसे ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के तहत शामिल किया गया है। सरकार का प्रयास है कि मध्य प्रदेश के किसान की पहचान भी देशभर में बने।

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गेहूं पर 2700 रुपये MSP का ऐलान

मुख्यमंत्री के मुताबिक इस वर्ष मध्य प्रदेश में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ है। आने वाले समय में गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किए जाने की बात उन्होंने कही। धान की पैदावार में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया। उत्पादन 32 क्विंटल से बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचा है। मूंगफली और गेहूं का रकबा भी बढ़ा है।

किसानों के लिए बिजली और ब्याज को लेकर बड़ा बदलाव

डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं और चने की खेती के लिए आने वाले समय में किसानों को रात के साथ दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। खाद-बीज के लिए लिए गए कृषि ऋण को अब जून-जुलाई में शून्य प्रतिशत ब्याज पर जमा करने की सुविधा की बात भी कही गई। पहले ऋण राशि जमा करने की समयसीमा 31 मार्च थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में इस बाध्यता को खत्म किया गया है।

जमीन न बेचें किसान, तकनीक अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती की जमीन नहीं बेचने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और आने वाले समय में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी को भी बढ़ावा देने की बात कही।

दतिया के बलराम कृषि महोत्सव में करीब 16 स्टॉल वाली कृषि प्रदर्शनी भी लगाई गई। यहां रीपर कम बाइंडर, डीएसआर, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, लेजर लैंड लेवलर समेत कई आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग और आत्मा परियोजना के स्टॉल पर किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

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