केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड में खुशहाली की उम्मीद है। पन्ना में CM मोहन यादव ने किसानों से संवाद किया और सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन व फसल नुकसान पर बड़ी बातें कहीं।
बुंदेलखंड की पहचान लंबे समय से पानी की कमी और खेती की चुनौतियों से जुड़ी रही है। ऐसे में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की उम्मीदें बड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि इस परियोजना समेत कई सिंचाई योजनाओं से बुंदेलखंड में खुशहाली आएगी और किसानों के जीवन स्तर में बदलाव होगा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड को केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित कई बड़ी सौगातें मिली हैं। इसके साथ पवई बांध, मझगांय और रुंझ जैसी लघु सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।
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प्राकृतिक खेती और बागवानी पर CM का जोर
पन्ना में आयोजित 28वें बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन और दूसरी गतिविधियां किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन सकती हैं। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीक और कृषि नवाचारों की जानकारी भी दी।
प्रगतिशील किसानों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री ने पन्ना के प्रगतिशील किसानों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। शाहपुर खुर्द की किसान कविता रानी ने बताया कि वह 2019 से प्राकृतिक खेती कर रही हैं और छह गांवों के लोगों को भी उन्नत खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। वहीं राजकमल शर्मा ने कृषि क्षेत्र में शुरू किए स्टार्टअप की जानकारी दी। सुब्रत मलिक ने उद्यानिकी खेती से आय बढ़ाने के अनुभव साझा किए, जबकि नत्थू प्रसाद यादव ने मुर्रा भैंस के जरिए डेयरी व्यवसाय की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के सर्वे के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान अतिवृष्टि से फसल नुकसान का मुद्दा भी उठा। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने प्रभावित किसानों के सर्वे और मुआवजे की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे कराने और किसानों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जन विश्वास अभियान और शिविरों के जरिए ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात भी कही।
किसानों और विद्यार्थियों का सम्मान
बलराम कृषि महोत्सव में उत्कृष्ट किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि अभियांत्रिकी समेत कई विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर योजनाओं और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी।
प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बलराम कृषि महोत्सव को किसानों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया। सरकार की ओर से वर्ष 2026 को किसान कल्याण के रूप में मनाए जाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार व जागरूकता गतिविधियां चलाने की बात कही गई।
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