MSME Summit MP: भोपाल MSME समिट में सीएम ने युवा वर्ष 2027, निवेश, स्टार्टअप सहायता, औद्योगिक विकास और किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। पूरी डिटेल जानने के लिए आगे पढ़ें।
MSME Summit MP News: भोपाल के रवींद्र भवन में अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर आयोजित “सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट” में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। साथ ही जनवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में सफल उद्यमियों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई और मुख्यमंत्री ने कटनी व मंडला के उद्यमियों से संवाद किया।

एमएसएमई निवेश, स्टार्टअप फंडिंग और वित्तीय सहायता
सीएम ने सिंगल क्लिक से 760 से अधिक इकाइयों को प्रोत्साहन राशि दी और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की। निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत वृहद उद्योगों को 1274 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। राज्य में एमएसएमई सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी 59 प्रतिशत तक बढ़ी है और 4.41 लाख से अधिक इकाइयों का संचालन हो रहा है।
औद्योगिक भूमि आवंटन और नए क्लस्टर का विकास
मंदसौर, मंडला, जबलपुर, बैतूल, कटनी, नीमच और खरगोन सहित कई जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 760 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए। राज्य में 16 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं और 14 नए क्लस्टर पर काम जारी है। वर्किंग वुमन हॉस्टल और नए एमएसएमई भवन भी बनाए जा रहे हैं।
विदेशी निवेश और औद्योगिक सुधार
मध्यप्रदेश में कनाडा, जापान, चीन, यूके और अन्य देशों से निवेश बढ़ रहा है। जीआईएस के बाद 9,300 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। राज्य ने 23 सुधारों को शत-प्रतिशत लागू कर “टॉप अचीवर” का दर्जा प्राप्त किया है।
कृषि, शिक्षा और एमएसएमई विकास योजनाएं
सरकार ने 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण और लोन चुकाने में नई सुविधा दी गई है। 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा सुधार किया जा रहा है। जीआई टैग वाले उत्पादों की संख्या भी बढ़ी है।
उद्यमियों की सफलता और राज्य की औद्योगिक प्रगति
उद्यमियों ने बताया कि पारदर्शी नीतियों और सरकारी सहयोग से निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। मध्यप्रदेश अब एमएसएमई निर्यात में देश में 11वें स्थान पर पहुंच चुका है और तेजी से औद्योगिक विकास कर रहा है।


