इंदौर में 83 करोड़ रुपये की लागत से बने 300 बेड जिला अस्पताल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया। मेडिकल कॉलेज, UCC और नई सड़क समेत कई बड़ी घोषणाएं कीं।

भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 जुलाई को इंदौर में 300 बिस्तरों वाले नए जिला चिकित्सालय भवन का लोकार्पण किया। करीब 83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक अस्पताल में चार मंजिलें हैं और इसे आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक नई सड़क बनाने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM मोहन यादव ने कहा कि यह अस्पताल केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे सेवा, सुशासन और जनकल्याण का नया मंदिर बताया।

Indore Hospital Inauguration: 83 करोड़ के अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और भारत हर क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई ऐसे निर्णय देखे हैं, जिन्होंने भारत को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कड़वी दवा जरूरी होती है, उसी तरह देश को आगे बढ़ाने के लिए कई कठिन फैसले लेने पड़े। जीएसटी (GST) लागू करना भी ऐसा ही एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण निर्णय था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि के साथ ऐसे फैसले लेते हैं, जिनका लाभ लंबे समय तक देश को मिलता है। आज भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था इसका प्रमाण है।

MP Medical Colleges: 5 से 33 मेडिकल कॉलेज तक का सफर, जल्द होंगे 52 कॉलेज

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के गठन के बाद वर्ष 2002-03 तक राज्य में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे और एमबीबीएस की मात्र 500 सीटें उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं और यूजी सीटों की संख्या बढ़कर 5,500 हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य अगले ढाई वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर 52 करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का बदलाव नहीं, बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता है।

Medical Education Scheme: प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की करोड़ों की फीस के लिए भी सरकार दे रही मदद

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां NEET परीक्षा पास करने वाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के लिए भी सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र को प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलता है और फीस एक करोड़ रुपये तक भी पहुंचती है, तब भी सरकार डॉक्टर बनने तक आवश्यक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

Indore Development: चंदन नगर से एयरपोर्ट तक बनेगी नई सड़क

स्वास्थ्य परियोजना के साथ मुख्यमंत्री ने इंदौर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक नई सड़क बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से शहर में यातायात सुगम होगा और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल सड़क और नालियां बनाना ही विकास नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और आधारभूत ढांचे सहित हर क्षेत्र में संतुलित विकास जरूरी है।

MP UCC Update: विधानसभा के मानसून सत्र में रखा जाएगा समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विचार जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोच से प्रेरित है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि देश समान कानून व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

10 लाख से अधिक सुझावों के बाद लागू होगी UCC

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने से पहले व्यापक जनसंवाद किया गया। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने प्रदेश के सभी 55 जिलों से 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक समुदायों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया गया है। सरकार का प्रयास है कि सर्वसम्मति और व्यापक सहमति के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर समान नागरिक संहिता लागू की जाए।

किसानों और युवाओं के लिए भी सरकार की प्राथमिकता जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसानों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। वहीं युवाओं के लिए हाल ही में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से निवेश, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है ताकि मध्यप्रदेश समग्र विकास के नए आयाम स्थापित कर सके।