मेरे पापा नेता हैं… कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता! ग्वालियर में मासूम बेटे के सामने फांसी पर झूली महिला, 4 पेज का सुसाइड नोट छोड़ आरोपी का नाम लिया… क्या सत्ता के रसूख के आगे फिर दब जाएगा न्याय?

Gwalior woman suicide case: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और व्यवस्था दोनों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। हजीरा थाना क्षेत्र के बिरला नगर इलाके में रहने वाली 30 वर्षीय महिला ने अपने ही चार साल के बेटे के सामने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन ये सिर्फ आत्महत्या नहीं थी — ये डर, धोखा, धमकी और सत्ता के दंभ में डूबी एक त्रासदी थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चार पन्नों का सुसाइड नोट, एक नाम और सत्ता की धमक 

महिला ने मरने से पहले चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने लोकेंद्र शेखावत नामक युवक को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। महिला का आरोप है कि लोकेंद्र ने उससे शादी की, एक साल तक साथ रखा और फिर जबरन संबंध बनाता रहा। जब महिला ने साथ रहने की बात कही तो उसने धमकी दी —"मेरे पापा नेता हैं… मंत्री लोग उनके पैर छूते हैं। कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"

मासूम बेटा कमरे में सोता रहा, मां हमेशा के लिए छोड़ गई 

सबसे हृदयविदारक बात यह रही कि महिला का चार वर्षीय बेटा उसी कमरे में सो रहा था, जहां उसकी मां ने आत्महत्या की। उसकी रोने की आवाज ने पड़ोसियों को चौंकाया। जब लोग कमरे में पहुंचे, तो महिला फंदे से लटकी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और सुसाइड नोट बरामद किया।

आरोपी पहले से शादीशुदा, पड़ोस में रहता था

स्थानीय सूत्रों की मानें तो लोकेंद्र शेखावत पहले से शादीशुदा है और मृतका का पड़ोसी था। दोनों के बीच कुछ समय तक नजदीकी संबंध थे, लेकिन जब महिला ने शादी और साथ रहने की बात की तो युवक ने दूरी बना ली और जान से मारने की धमकियां देने लगा।

क्या राजनेताओं के रसूख के आगे दबेगा न्याय? 

महिला ने सुसाइड नोट में साफ तौर पर लिखा कि आरोपी के राजनीतिक संबंधों के चलते पुलिस भी कुछ नहीं करेगी। यही बात अब पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुसाइड नोट और डिजिटल सबूतों की जांच जारी है और आरोपी लोकेंद्र शेखावत के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।