मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल से ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की। स्मार्ट मीटर, बिजली ढांचा और 200 मिलियन यूरो निवेश पर सहमति की दिशा में पहल हुई।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जुलाई को मंत्रालय में जर्मनी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक की कार्यकारी बोर्ड सदस्य एवं सीईओ क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि गॉटफ्रीड वॉन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, विशेष गढ़पाले और केंद्र सरकार के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

भारत-जर्मनी की मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच वर्षों से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को भाईचारे की मिसाल बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों के संपर्क में है, ताकि प्रदेश में अधिक निवेश और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिल सके।
ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू बैंक के सहयोग की मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में दोनों पक्षों की साझेदारी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जर्मनी के सहयोग से मध्यप्रदेश ऊर्जा दक्ष, हरित और समृद्ध राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ेगा।
स्मार्ट मीटर और फीडर विभक्तिकरण के लिए मिल रहा वित्तीय सहयोग
केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम के तहत प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर लगाने और फीडर विभक्तिकरण के कार्यों के लिए लगभग 1,120 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
एनर्जी रिफॉर्म फेस-2 में 200 मिलियन यूरो सहयोग देने की जताई रुचि
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी जानकारी दी कि सफल साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एनर्जी रिफॉर्म फेस-2 के तहत प्रदेश में बिजली वितरण अधोसंरचना को मजबूत करने और सौर ऊर्जा उपलब्ध रहने के समय कृषि फीडरों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में लगभग 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग में भी रुचि दिखाई गई है। इससे मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।


