राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट की प्रगति, निगरानी व्यवस्था और सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों से चर्चा की।
भोपाल/श्योपुर। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शनिवार शाम श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। यहां उन्होंने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया और चीतों की निगरानी तथा ट्रैकिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक की मदद से चीतों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु कूनो नेशनल पार्क में ही रात्रि विश्राम करेंगी। इस दौरान वे भारत में चीतों के पुनर्स्थापन से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना पर वन विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा भी करेंगी।
चीता प्रोजेक्ट की प्रगति और संरक्षण व्यवस्था की मिली जानकारी
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रपति ने चीता कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें चीता प्रोजेक्ट की अब तक की उपलब्धियों और प्रगति को प्रदर्शित किया गया था। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वर्तमान में देश में कुल 52 चीते हैं। इनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को मंदसौर स्थित गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया है।
राष्ट्रपति ने चीतों के संरक्षण और देखभाल के लिए विकसित की गई सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि जंगल में लगभग हर दो किलोमीटर की दूरी पर वॉटर पिट बनाए गए हैं, जिनमें आवश्यकता अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाता है ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों पर भी हुई चर्चा
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को बोत्सवाना से भारत लाए गए चीतों की गतिविधियों और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति की बोत्सवाना यात्रा के दौरान जिन आठ चीतों को भारत के लिए स्वीकार किया गया था, उन्हें बाद में कूनो नेशनल पार्क लाया गया। इस दौरान राष्ट्रपति ने चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके प्राकृतिक वातावरण में अनुकूलन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
जबलपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की सौजन्य भेंट
श्योपुर पहुंचने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जबलपुर में भी कार्यक्रम रहा। यहां सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच आत्मीय संवाद हुआ और स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान
इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को मध्यप्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली मां नर्मदा की आकर्षक प्रतिमा भेंट की। वहीं राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मुख्यमंत्री को ओडिशा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ी भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की सुंदर तस्वीर भेंट की। इसके साथ ही उन्होंने विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर के चक्र की भव्य प्रतिकृति भी उपहार स्वरूप प्रदान की।
भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना को मिला नया प्रोत्साहन
राष्ट्रपति का यह दौरा भारत में चल रही चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों के संरक्षण, निगरानी और प्रबंधन के लिए विकसित व्यवस्थाओं का अवलोकन कर उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।


