राजस्थान में जीपीएफ घोटाला सामने आया है। यह डिपार्टमेंट की 12 कर्मचारियों ने सरकारी कर्मचारियों के खातों से 6.36 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। मामला उजागर होने पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के साथ रिकवरी की जा रही है।

जयपुर। राजस्थान से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जीपीएफ विभाग के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर सरकारी कर्मचारियों के जीपीएफ खातों से 6.36 करोड रुपए का गबन कर लिया। यह बात किसी को पता नहीं चल सके इसके लिए उन कर्मचारियों का लोन लेना दिखा दिया। पूरा मामला उजागर होने के बाद अब डिपार्टमेंट ने कर्मचारियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करवाया है। जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में 4 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

2012 के पहले के खातों से 12 कर्मचारियों ने निकाले रुपये
विभाग के 12 कर्मचारियों ने 2012 के पहले खातों में जमा हुए रुपए निकाले। 12 कर्मचारियों में से हर कर्मचारी ने 50.50 लाख रुपए बराबर-बराबार निकाले। इसके बाद 2012 से पहले की पुरानी बैलेंस शीट डिलीट कर नई तैयार करवा ली। इस मामले में विभाग की ओर से लोकेश मीणा, संदीप माथुर, भोमाराम गुर्जर, मनोज कुमार वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है।

पढ़ें जल जीवन मिशन घोटाला: राजस्थान में ईडी ने 12 जगहों पर की रेड, मंत्री के करीबियों पर लटकी तलवार

विभाग अब कर्मचारियों से कर रहा रिकवरी
जिन कर्मचारियों के जीपीएफ कर्मियों ने पैसे निकाले उनमें ड्राइवर भी शामिल हैं। फिलहाल अब विभाग ने कर्मचारियों से रिकवरी करनी शुरू कर दी है। किसी डिपार्टमेंट में यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राजस्थान में कई विभागों में इसी तरह के गबन के मामले सामने आए हैं जिनका पता केवल ऑडिट के समय ही चल पाया है। वहीं इस मामले में जिन कर्मचारियों के खातों से गबन हुआ उन्हें इसलिए पता नहीं चल पाया क्योंकि जीपीएफ का भुगतान रिटायरमेंट के समय होता है।

आरोपी कर्मचारियों ने फिलहाल पूछताछ कर पूरी जानकारी जुटाई जा रही है कि किस तरह से उन्होंने खाते से इतने पैसे निकाले और किसी को पता तक नहीं चल पाया। इस फॉड का मास्टर माइंड कौन था और इतनी बड़ी राशि उन्होंने कहां छिपाकर रखी।