भरतपुर में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई ने मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। यह छात्र हजारीबाग, झारखंड में किसी और की जगह परीक्षा दे रहे थे। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

भरतपुर. नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट यानी नीट (NEET) टेस्ट में पेपर लीक केस की आंच फिर से राजस्थान तक पहुंची है। सीबीआई की टीम ने राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों को पकड़ा है। दोनो पेपर सॉल्व करने वाली गैंग के सदस्य थे। उनको पूछताछ के लिए ले जाया गया है। उनके नाम कुमार मंगलम और दीपेन्द्र कुमार विश्नोई हैं। जानकारी सामने आई है कि नीट परीक्षा के समय दोनो छात्र हजारीबाग, झारखंड में किसी दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे।

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पटना से पकड़े गए आरोपियों के फोन से मिली सुराग

मिली जानकारी के अनुसार नीट परीक्षा में पेपर लीक का सबसे बड़ा एक्शन पटना में हुआ। वहां से पकड़े गए आरोपियों के फोन से सीबीआई को भरतपुर के इन छात्रों के बारे में क्लू मिला था। पता चला कि भरतपुर के जग्गनाथ पहाड़िया मेडिकल कॉलेज में सेंकंड और थर्ड ईयर में पढ़ने वाले छात्र भी नकल और लीक में लिप्त हैं। जिस दिन पेपर था उस दिन उनकी लोकेशन हजारीबाग, झारखंड आई थी। इस कारण उनको पकड़ लिया गया है।

जोधपुर एम्स का एक और छात्र फरार, डॉक्टर के बेटे की जगह परीक्षा देने बिहार गया था

उधर इस मामले में जोधपुर जिले में स्थित एम्स मेडिकल कॉलेज का छात्र हुकमाराम भी फरार चल रहा है। हुकमाराम ने किसी दूसरे की जगह नीट परीक्षा देने के लिए चार लाख रूपए लिए थे। यह परीखा प्रयागराज के एक डॉक्टर के बेटे की जगह दी जानी थी। हुकामाराम परीक्षा देने के लिए बिहार पहुंचा गया था, लेकिन बायोमेट्रिक के समय वह पकड़ा गया था। हांलाकि बाद में वह फरार हो गया और अब तक नहीं मिला है। बिहार पुलिस कई बार जोधपुर में आकर दबिश दे चुकी है। बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हस्तक्षेप कर चुकी है। पेपर लीक मामले के तार राजस्थान, बिहार, झारखंड और गुजरात तक जुड़े हुए हैं।

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