राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गांव के तालाब से ऐतिहासिक खजाना निकला लेकिन वह सरकारी खजाने तक पहुंच पाता उससे पहले ही गांव वाले रातो रात लूट ले गए। पुलिस तलाश के लिए हो रही परेशान।

भीलवाड़ा (bhilwara News). खबर राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से है। शहर के नजदीक में स्थित एक गांव के तालाब में करीब 3-4 साल पहले सफाई की गई थी। इस सफाई का मलबा तालाब के किनारे ही डाल दिया गया था , बारिश के बाद यह मलबा धीरे-धीरे वापस तालाब में मिलने लगा। लेकिन इस मलबे में अब सैकड़ों साल पुराने खजाने का रास्ता खोल दिया। दरअसल जो मलवा तालाब से निकाला गया था, उसमें सैकड़ों साल पुराने चांदी के सिक्के निकले हैं । यह सिक्के राजशाही जमाने के हैं । सिक्कों पर अंग्रेजों के बड़े अफसरों के फोटो छपे हुए हैं। सैकड़ों की संख्या में इन सिक्कों को गांव वाले रातों-रात ले भी गए । अब लोकल प्रशासन इन्हें वापस पाने का जुगाड़ कर रहा है।

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भीलवाड़ा में तालाब से निकलने लगा ऐतिहासिक खजाना

दरअसल भीलवाड़ा जिले के पारोली कस्बे में अगरिया तालाब है । कुछ समय पहले तालाब की सफाई की गई थी, लेकिन जैसा कि सरकारी सिस्टम है । तालाब से मलबा तो बाहर निकाल दिया गया लेकिन इस मलबे का निस्तारण नहीं किया गया और धीरे-धीरे बारिश में यह मलबा फिर से तालाब में जाकर मिलने लगा। कल रात यह सूचना फैली कि इस मलबे में चांदी के सिक्के हैं , तो आसपास के गांव वाले तुरंत वहां आ पहुंचे ।

गांववाले ही लूट ले गए पुराने जमाने के सिक्के

बताया जा रहा है कि सैकड़ों की संख्या में चांदी के सिक्के गांव वाले अपने साथ ले गए हैं। जब इसकी सूचना पारोली थाना पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों से इन सिक्कों को वापस पाने की कोशिश में जुट गई। बताया जा रहा है कि यह सिक्के साल 1916 के हैं। उस समय के अंग्रेज अफसर और राजा जॉर्ज फ्रेंडरिक अल्बर्ट का इनमें फोटो छपा है । यह चांदी के सिक्के करीब 80 फ़ीसदी तक शुद्ध बताए जा रहे हैं। अब पुलिस उन गांव वालों के बारे में जांच-पड़ताल कर रही है , जो इन सिक्कों को ले गए । हालांकि इस मामले में अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है । लेकिन अब मलबे के पास पुलिस वालों की ड्यूटी लगा दी गई है।