बूंदी में रोडवेज बस ने दो मेडिकल छात्रों को कुचला, एक की मौत। साथी छात्रों ने मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन से 5 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग।

जयपुर. बूंदी शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेडिकल कॉलेज के छात्र लोमेश जांगिड़ की मौत हो गई। घटना रविवार को हुई जब लोमेश अपने साथी एलिश के साथ बाइक पर बूंदी अस्पताल आ रहा था। नवल सागर तालाब के पास रोडवेज बस ने दोनों छात्रों को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल छात्रों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लोमेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि एलिश का इलाज जारी है।

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जब मेडिकल स्टूडेंट ने घेरा कलेक्टर का ऑफिस

इस हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्रों में आक्रोश फैल गया। नाराज छात्रों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि हादसे का मुख्य कारण मेडिकल कॉलेज के सामने बस स्टैंड का न होना है। उन्होंने कलेक्ट्रेट के गेट को बंद करने की भी कोशिश की और सड़क जाम कर दी।

एक चिल्लाते हुए एक ही मांग पर अड़े रहे

छात्रों और पुलिस में हुई नोकझोंक आक्रोशित छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्रों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही ने उनके साथी की जान ली।

चाहिए 5 करोड़ रुपए और एक सरकारी नौकरी

मुआवजे और नौकरी की मांग मेडिकल छात्रों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों का समर्थन मिला। डॉक्टरों ने प्रदर्शन में शामिल होकर मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और बस स्टैंड की समस्या को हल करने की अपील की।

बात नहीं सुनी गई तो MBBS छात्रों ने कर दिया ऐलान…

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिला कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आते और उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। यह घटना न केवल लोमेश के परिवार बल्कि पूरे मेडिकल समुदाय के लिए एक गहरी क्षति है। अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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