BSF भर्ती में 3 लाख रुपये लेकर डमी कैंडिडेट बैठाया गया! फिजिकल और एग्जाम दोनों पास कर लिए, लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में पकड़ा गया। राजस्थान में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है।

जयपुर. राजस्थान में ही नहीं बल्कि देशभर में आए दिन हम सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के कई मामले सुनते हैं। कहीं पेपरलीक होता है तो कहीं पर डिवाइस के जरिए नकल करवाई जाती है। रेलवे जैसे बड़े डिपार्टमेंट की परीक्षाओं में भी हाल ही में नकल का मामला सामने आया था। लेकिन अब अर्द्धसैनिक बल की भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। 3 लाख रुपए देखकर युवक ने परीक्षा में डमी कैंडिडेट को बैठाकर नौकरी तो हासिल कर ली। लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में वह पकड़ा गया।

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आरोपी आगरा के फतेहाबाद का रहने वाला

आरोपी का नाम विकास सिंह है जो मूल रूप से आगरा के फतेहाबाद का रहने वाला है। वह अर्द्धसैनिक बल की आरक्षक भर्ती में आया था। ऐसे में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के ऑफिसर्स ने उसके मौजूदा फोटो और परीक्षा का टाइम लगे फोटो का मिलान किया तो मिलान नहीं हुआ। इतना ही नहीं अंगूठे का वेरिफिकेशन भी नहीं हो पाया।

3 लाख रुपए देकर डमी कैंडिडेट से दिलवाया एग्जाम

जब विकास से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसकी जगह 3 लाखमें डमी कैंडिडेट एग्जाम दिया था। परीक्षा का आयोजन एसएससी द्वारा 2024 में करवाया गया था। आरोपी विकास का कहना है कि फिजिकल और एग्जाम के वक्त उसकी जगह मनजीत नाम का लड़का आया था।

BSF में पहली बार इस तरह का फर्जीवाड़ा

मनजीत को वह पहले से नहीं जानता था। वह तो मंजीत से एक शादी में मिला था। वहीं मनजीत ने बताया कि उसकी जगह परीक्षा और फिजिकल वह देगा बस विकास को तो केवल नौकरी करनी होगी। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारियों के मुताबिक पहली बार इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है।

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