dausa road accident : राजस्थान के दौसा में दर्दनाक हादसा हो गया। जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सवार लोग वाहन में बुरी तरह फंस गए। अब RTO चेकिंग पर सवाल उठ रहे हैं।

rajasthan road accident : जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार देर रात एक बेहद दुखद सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई। हादसा दौसा कलेक्ट्रेट चौराहे के पास स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने हुआ, जहां हाईवे किनारे खड़े एक भारी भरकम कैंटर से एक तेज रफ्तार कार टकरा गई।

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हरियाणा के रोहतक रहने वाला था परिवार?

जानकारी के अनुसार, हरियाणा के रोहतक जिले के खेड़ी साद गांव निवासी यह परिवार मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन कर वापस लौट रहा था। रात करीब 12:15 बजे उनकी कार दौसा पहुंची और अचानक सामने खड़े कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सवार लोग वाहन में बुरी तरह फंस गए।

दौसा जिले के पुलिस अफसर मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी एसपी रवि प्रकाश शर्मा और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद कार को कैंटर से अलग किया गया और सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

राजस्थान RTO चैकिंग पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैंटर को सड़क किनारे RTO की चेकिंग के कारण रोका गया था। हालांकि, वहां न तो कोई चेतावनी संकेत था और न ही पर्याप्त रोशनी, जिससे कार चालक को खड़े वाहन का अंदाजा नहीं लग पाया। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल किया। मौके पर मौजूद कोतवाली थाने के हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान उनके परिजनों के आने पर ही पूरी तरह सुनिश्चित की जा सकेगी।

आखिर कौन है हादसों में मौत की वजह? RTO या जनता?

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह भी जांचा जा रहा है कि क्या RTO की लापरवाही इस हादसे के लिए जिम्मेदार है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। राजस्थान में इस तरह के हादसे आए दिन सामने आते रहते हैं। लेकिन इसके बाद भी ना तो प्रशासन अलर्ट हो रहा है और ना ही जनता…शहरी एरिया होने के बाद भी लोग फुल स्पीड में गाड़ियां ड्राइव करते हैं। जो मौत की वजह बन जाते हं।