राजस्थान में संजीवनी क्रेडिट काॅपेरेटिव सोयाइटी घोटाले को लेकर नया बवाल मच गया है। अब इसमें सेंट्रल मिनिस्टर गजेंद्र सिंह और सीएम गहलोत आमने सामने आ गए हैं। जानें इनके विवाद की वजह।

जयपुर (jaipur). केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह की मुश्किल सीएम अशोक गहलोत के एक मैसेज के बाद बढ़ गई है। दो दिन पहले गजेन्द्र सिंह ने सीएम के आडे हाथों लिया था और अब सीएम ने गजेन्द्र सिंह को इसका जवाब दिया है। दोनो दिग्गज नेता जोधपुर जिले से आते हैं और धुर विरोध हैैं एक दूसरे के। पूरा मामला 925 करोड़ रुपयों के एक भारी भरकम घोटाले से जुड़ा हुआ है। नाम है संजीवनी क्रेडिट काॅपेरेटिस सोयाइटी घोटाला.... इसमें करीब एक लाख छोटे निवेशकों ने ये पैसा निवेश किया था और अब उनको अपने रिटर्न्स का इंतजार है।

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शुरु से शुरु करते हैं कि आखिर इतना पैसा गया तो गया, कहां.... दरअसल संजीवनी क्रेडिट काॅपेरेटिस सोयाइटी के नाम से राजस्थान, गुजरात समेत कुछ अन्य राज्यों में चार सौ से ज्यादा दफ्तर खोले गए। बात सिर्फ राजस्थान की करें तो यहां पर सवा दो सौ से भी ज्यादा कार्यालय डाले गए। लोगों को स्कीमें दी गई कि इतना पैसा इन्वेस्ट करोगे तो इतना पैसा बढ़कर मिलेगा। लोगों ने रुपया जमा कराना शुरू दिया। अपनी बचत को यहां मोड दिया। उसके बाद कंपनी ने भी अपने किए वादे के अनुसार शुरूआत में निवेशकों का पैसा लौटाना शुरू कर दिया। लेकिन धीरे धीरे स्कीमें हल्की पडने लगी फिर एक रात अचानक कंपनी के कार्यालय बंद हो गए। कंपनी के डायरेक्टर भाग गए। पूरे राजस्थान में हंगामा हो गया।

अब कहानी का दूसरा पक्ष

इस हंगामे के बाद लोगों ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने सीधे कोर्ट भेज दिया। लोग कोर्ट पहुंचे तो कुछ निवेशकों को पता चला कि कंपनी ने अपना यह पैसा गजेन्द्र सिंह की कंपनियों और उनके सहयोगियों की कंपनी में डाल दिया। ताकि पैसा वहां पर बढ़ सके और वापस निवेशकों को मुनाफे के साथ लौटाया जा सके। ऐसा पहले भी चलता रहा था। लेकिन बाद में पता चला कि पैसा वापस मिलना बंद हो गया। कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए गजेन्द्र सिंह के खिलाफ भी। इधर एसओजी की टीम ने जांच पडताल शुरू कर दी। एसओजी ने पांच बार लैटर लिखा ईडी को कि कंपनी के पदाधिकारियों की सम्पत्ति अटैच की जाए और उनको बेचकर पैसा दिया जाए।

सीएम अशोक गहलोत ने कही ये बात

चूंकि इसमें गजेन्द्र सिंह पर आरोप लग रहे थे तो ऐसे में सीएम ने दावा किया कि गजेन्द्र सिंह को बचाने के लिए ईडी एक्शन नहीं ले रही और निवेशक परेशान हो रहे हैं। ऐसे में तीन दिन पहले सीएम ने गजेन्द्र सिंह पर हमला बोल दिया। उसका काउंटर अगले ही दिन गजेन्द्र सिंह ने दे दिया और खुद को निर्दोष बताया। अब मंगलवार देर रात सीएम ने फिर से एक मैसेज किया और लिखा कि जिस तरह से और प्रबधंक आरोपी हैं आप भी उसी तरह से आरोपी हैं। इन आरोपों के बाद अब फिर से बवाल की तैयारी है।