राजस्थान के कोटा में नीट की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र उत्तर प्रदेश के मथुरा का रहने वाला था और कुछ दिन पहले ही कोटा आया था। इस घटना से कोटा में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर फिर से सवाल उठ रहे हैं।

कोटा (राजस्थान). कोटा में एक और युवा के सपने टूटे हैं। 21 साल का छात्र डॉक्टर बनने का सपना लिए आया था, लेकिन देर रात उसने सुसाइड कर लिया। उसका शव फंदे से लटका मिला। उत्तर प्रदेश में रहने वाले परिवार को आज तड़के इसकी सूचना दे दी गई है। परिवार के लोग कोटा आने के लिए रवाना हो गए हैं। शिक्षानगरी में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से सरकार से लेकर कोचिंग क्लास और बच्चों के पैरेंट्स तक हैरान है।

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इस कोचिंग क्लास में कर रहा था NEET की तैयारी

मामले की जांच कर रहे जवाहर नगर थाने के एसआई गोपाल ने बताया कि 21 साल के परशुराम ने खुद को फांसी के फंदे पर लटका लिया। देर रात उसके बारे में पुलिस कंट्रोल रूम को उसके ही किसी साथी ने सूचना भेजी थी। उसके बाद पुलिस टीम पहुंची और उसके कमरे में फंदे से उसे नीचे उतारा गया। वह नीजी कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था।

सिर्फ 7 दिन पहले ही यूपी से आया था कोटा

एसआई गोपाल ने बताया कि उसके दोस्तों से पूछताछ में पता चला कि वह सिर्फ सात दिन पहले ही यूपी से आया था। वह यूपी के मथुरा जिले का रहने वाला था और जवाहर नगर में एक किराये का कमरा लेकर रह रहा था। उसने कोचिंग जाना शुरू ही किया था। अभी तो नीट की पूरी बुक्स भी वह नहीं लाया था। परिवार के सदस्यों ने कल दोपहर में ही परशुराम से बात की थी, उसने बताया था कि वह पढ़ाई में मन लगाने की कोशिश कर रहा है। उल्लेखनीय है इस साल भी कोटा में कई सुसाइड हो चुके हैं। हांलाकि ये देश के कुछ बड़े जिलों में होने वाले सुसाइड से कम हैं। लगातार सुसाइड और अन्य कारणों के कारण चलते कोटा से छात्रों और परिवार का मोह भंग होने लगा है।