padma shri award 2025 : राजस्थान की मांड गायिका बतूल बेगम और उर्दू शायर शीन काफ निजाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया। बतूल बेगम ने 8 साल की उम्र से भजन गाना शुरू किया।

जयपुर. padma shri award 2025 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 2025 के पद्म पुरस्कारों से 71 प्रतिष्ठित लोगों को सम्मानित किया। इस सूची में राजस्थान की दो अनमोल प्रतिभाओं ने विशेष पहचान बनाई – नागौर की मांड गायिका बतूल बेगम और जोधपुर के उर्दू शायर शीन काफ निजाम।

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कौन हैं बतूल बेगम – भजनों की बेगम: 

राजस्थान के कैराप गांव की रहने वाली बतूल बेगम को पद्मश्री से नवाजा गया है। वे मिरासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और मांड गायकी में उनकी पहचान वैश्विक स्तर पर है। उन्होंने महज 8 साल की उम्र में मंदिर में भजन गाकर अपना सफर शुरू किया। 5वीं के बाद पढ़ाई छूटी, 16 में शादी हुई, लेकिन संगीत का साथ नहीं छोड़ा। बतूल अब तक 55 से ज्यादा देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं, जिनमें फ्रांस, इटली, अमेरिका और ट्यूनेशिया शामिल हैं। 2022 में उन्हें नारी शक्ति सम्मान और फ्रांस व ट्यूनेशिया से भी सम्मान मिल चुका है।

कौन हैं शीन काफ निजाम – उर्दू के सादगीपसंद शायर

 राजस्थान के जोधपुर निवासी शिवकिशन बिस्सा, जिन्हें दुनिया शीन काफ निजाम के नाम से जानती है, को उर्दू और फारसी साहित्य में योगदान के लिए पद्मश्री मिला है। वे बिजली विभाग में कार्यरत रहे, लेकिन लेखन उनका पहला प्रेम था। उनकी रचनाएं केवल शेर-ओ-शायरी नहीं, बल्कि उर्दू की आत्मा को बयां करती हैं। वे मानते हैं कि इंसान को बस काम करते रहना चाहिए, नाम अपने आप बनता है।