भारतीय वायुसेना 7 और 8 मई को राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के पास दो दिवसीय सैन्य अभ्यास करेगी। राफेल, सुखोई समेत कई लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।

बाड़मेर. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है। मंगलवार रात करीब 2 बजे 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक की और 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। जिसमें मौतें हुई हैं। इसी बीच भारतीय वायुसेना एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने जा रही है। 7 और 8 मई को राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के पास वायुसेना का दो दिवसीय बड़ा सैन्य अभ्यास होगा। इस दौरान राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान आसमान में गरजेंगे।

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राजस्थान के हवाई क्षेत्र को वायुसेना ने किया प्रतिबंधित

सूत्रों के मुताबिक यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के पश्चिमी और दक्षिणी सेक्टर में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास का मकसद युद्ध जैसी परिस्थिति में वायुसेना की तैयारियों को परखना है। इसे लेकर 'नोटिस टू एयरमैन' (NOTAM) पहले ही जारी कर दिया गया है। वायुसेना ने 7 मई दोपहर 3:30 बजे से 8 मई रात 9:30 बजे तक के लिए हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया है।

''जमीन और हवा में दुश्मन के ठिकान होंगे तबाह'

इस अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना जमीन और हवा में दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने की रणनीति का परीक्षण करेगी। इसके लिए एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) भी तैनात रहेंगे। अभ्यास की निगरानी वायुसेना के शीर्ष अधिकारी करेंगे और सभी ऑपरेशनों को रियल टाइम में आंका जाएगा।

पहलगाम हमला का मुंहतोड़ जवाब

सैन्य जानकारों का मानना है कि यह अभ्यास हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा है। साथ ही यह संदेश भी है कि भारत किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद देशभर में हाई अलर्ट है।

राजस्थान के सभी बॉर्डर इलाके हाई अलर्ट

गौरतलब है कि अभ्यास के चलते राजस्थान के कुछ एयरबेस से उड़ानों को सीमित किया जा सकता है। हालांकि आम नागरिकों की सुरक्षा और सूचना को लेकर सभी संबंधित विभाग अलर्ट पर हैं। यह युद्धाभ्यास न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय वायुसेना की शक्ति का सशक्त प्रदर्शन भी है।