पैरा-शूटर मोना अग्रवाल को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सासू मां के सपोर्ट से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता है।

जयपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राजस्थान की पैरा-शूटर मोना अग्रवाल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में मोना ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का पल है। सरकार द्वारा मेरे काम को मान्यता देना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक है।"

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इसलिए शूटिंग में बनाया अपना करियर

37 वर्षीय मोना अग्रवाल ने अपने करियर की शुरुआत शॉटपुट, डिस्कस और जेवलिन थ्रो से की थी। लेकिन परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने 2021 में शूटिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया। उनका पहला बड़ा मौका 2023 में क्रोएशिया के ओसिजेक में आयोजित डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप में आया, जहां उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह जयपुर की रहने वाली है।

2024 में पेरिस पैरालंपिक गेम्स में जीता मेडल

मोना अग्रवाल ने 2024 में पेरिस पैरालंपिक गेम्स में महिला R2 10 मीटर एयर राइफल SH1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके अलावा, भारत में आयोजित डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप-2024 में उन्होंने R2 महिला 10 मीटर एयर राइफल SH1 में गोल्ड और R10 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम SH1 में सिल्वर मेडल अपने नाम किए। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था की सास और ससुराल के अन्य लोगों ने हमेशा उन्हें सपोर्ट किया और इसी का परिणाम है कि मैं आगे बढ़ सकी

32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार खिलाड़ियों को पिछले चार वर्षों में शानदार प्रदर्शन, खेल भावना और अनुशासन के आधार पर दिया जाता है। इस वर्ष 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया, जिसमें 17 पैरा-एथलीट शामिल हैं। मोना अग्रवाल जैसे खिलाड़ी यह साबित करते हैं कि कठिन परिश्रम, समर्पण और सकारात्मक सोच से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। उनकी उपलब्धियां न केवल पैरा-एथलीट्स बल्कि हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।