राजस्थान के करौली जिले के सुंदर गुर्जर ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में जैवलिन थ्रो F46 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। उन्होंने 64.96 मीटर दूर भाला फेंककर यह उपलब्धि हासिल की। सुंदर ने 2021 में गोल्ड मेडल जीतने का सपना देखा था।

Paris Paralympics 2024: राजस्थान के करौली जिले के देवलेन गांव के रहने वाले सुंदर गुर्जर ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में उन्होंने जैवलिन थ्रो F46 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। उन्होंने 64.96 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुंदर गुर्जर को इस शानदार जीत पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा-'राजस्थान के करौली जिले के प्रतिभाशाली एथलीट सुंदर गुर्जर ने पेरिस पैरालिंपिक में भाला फेंक प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त कर न केवल देश बल्कि पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। आपको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि आपके अथक परिश्रम और असाधारण खेल कौशल का परिणाम है। ये जीत प्रदेश और देश के असंख्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। भारत माता की जय।'

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सुंदर की जीत के बाद उनके गांव में जश्न शुरू हो गया है। बड़े भाई हरिओम पूरे गांव में मिठाई बांट रहे हैं। सुंदर ने 2021 में गोल्ड मेडल जीतने का सपना देखा था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। हालांकि पिछले प्रयास में भी कांस्य पदक ही मिल पाया था। इसके बाद पीएम मोदी ने न्योता भेजकर बुलाया था और बधाई दी थी। सुंदर ने पिछले साल हुई एशियाई पैरा गेम्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 68.60 मीटर थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था।

सुंदर गुर्जर के साथ हुआ था भयानक हादसा

साल 2016 में सुंदर गुर्जर के साथ भयानक हादसा हुआ था। उनका बायां हाथ काटना पड़ा था। दोस्त की मदद करने के दौरान लोहे की टीन शेड कलाई पर गिरी थी और कलाई कट गई थी। उसके बाद हाथ की सर्जरी की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी। कलाई के नजदीक तक का हिस्सा बाद में काट दिया गया था। तब से उन्होंने पैरालंपिक में प्रदर्शन करना शुरू किया और लगातार खुद को बेहतर बना रहे हैं। इन तमाम पदक के अलावा सुंदर ने पैरा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी जीता है।

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