राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को दिल्ली बुला लिया गया है। चूंकि भाजपा को लोकसभा चुनाव में तगड़ा झटका लगा है। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं इन नेताओं की कुर्सियों पर तो गाज नहीं गिरने वाली है।

जयपुर. यूपी और राजस्थान ने इस बार लोकसभा चुनाव में चौंकाया है। इतना चौंकाया है कि बीजेपी के शीर्ष नेता यानी दिल्ली में बैठने वाला आलाकमान भी हैरान है कि इस बार ऐसी हालात कैसे हुई। यूपी के साथ ही राजस्थान में भी बेहद हैरान करने वाले परिणाम आए हैं। लेकिन इस बीच शायद आला कमान ने एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। पार्टी चलाने वाले और सरकार चलाने वाले.... राजस्थान के दोनों ही शीर्ष नेताओं को दिल्ली बुला लिया गया है। सारे काम छोड़कर दोनो दिल्ली पहुंच गए हैं और जोधपुर हाउस में हैं।

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दरअसल पिछले दो बार से यानी दो लोकसभा चुनाव से राजस्थान में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है। तमाम 25 सीटें भाजपा जीती है, इसमें गठबंधन भी साथ रहा है। लेकिन इस बार इतनी तैयारियों, पीएम और अन्य शीर्ष नेताओं के इतने दौरों के बाद भी भी 11 सीटें पार्टी हार गई है। इसकी जिम्मेदारी दो शीर्ष नेताओं को माना जा रहा हैं। उनमें सीएम भजन लाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी हैं। दोनो को दिल्ली दरबार बुला लिया गया हैं। बड़ी बात ये है कि दिल्ली दरबार में पहले ही सरकार बनाने को लेकर टेंशन का माहौल है।

सीपी जोशी को भजन लाल से ज्यादा खतरा.... ये है कारण

दोनो नेताओं की परफॉर्मेंस पर बात करें तो सीपी जोशी को प्रदेश अध्यक्ष का पद दिए गई महीने गुजर गए हैं और यह उनकी दूसरी बड़ी परीक्षा था। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी उनकी परफॉर्मेंंस तय मानकों से दूर रही थी। अब लोकसभा चुनाव में तो परिणाम सोच से बिल्कुल ही उलट रहे। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर जोशी अपनी पूरी जिम्मेदारी नहीं निभा सके और फूट रोकने में कामयाब नहीं रहे। अब बात भजन लाल शर्मा की..... उनको जीवनदान मिल सकता है, इसके पीछे कारण है कि वे पहली बार ही विधायक बने और सीधे सीएम बना दिए गए। उसके तुरंत बाद लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई। चुनाव में कई राज्यों के दौरे में सीएम लगे रहे। लेकिन वे भी फूट रोकने और संगठन के तमाम नेताओं को साथ लाने में कामयाब नहीं हो सके। नतीजा ये रहा कि 11 सीट फिसल गईं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठन में कम समय मिलने और लगातार दौरे चलने के कारण भजन लाल शर्मा को जीवनदान मिल सकता है, लेकिन सीपी जोशी को झटका लग सकता है।