राजस्थान विधासनभा चुनाव के 25 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। लेकिन इससे पहले कई सियासी रंग देखने को मिल रहे हैं। अब सीएम अशोक गहलोत बीजेपी से 6 बार विधायक रहीं और सबसे बुजुर्ग महिला नेता सूर्यकांता व्यास से मिलने पहुंचे हैं।

जोधपुर. सात बार टिकट मिला, छह बार विधायक बनीं, उम्र करीब 85 साल यानि सीएम गहलोत से भी उम्र में ग्यारह साल बड़ी.....। नाम है सूर्यकांता व्यास और अब तक भाजपा ने उनको लगातार टिकट दिया जोधपुर से, लेकिन इस बार जरा सी बयानबाजी के चलते उनका टिकट कट गया। अब उनसे मिलने के लिए एक ही दिन में दो बार सीएम गहलोत पहुंचे हैं। पहले तो दोपहर में मुलाकात हुई और फिर रात साढ़े बारह बजे उनके घर पहुंचे......। इसे सामान्य मुलाकात ही बताया जा रहा है लेकिन इस मुलाकात के बाद व्यास का चेहरा खिल गया, यानि कुछ पक रहा है।

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अब बात विस्तार से.....

दरअसल सूर्यकांता व्यास पुष्करणा ब्राहम्ण परिवार से हैं। जोधपुर के पुराने शहर में रहती हैं। यहीं पुराने शहर से ही सीएम गहलोत आते हैं। दोनो के बीच में मघुर संबध हैं। वे सूर्यकांता व्यास को जीजी कहते हैं, जीजी यानि बड़ी बहन। व्यवहार इतना है दोनो में कि सरकार चाहे कांग्रेस की हो, लेकिन सूर्यकांता व्यास का कोई काम नहीं अटकता।

गहलोत बीजेपी विधायक को कहते हैं...जीजी

पिछले दिनों सूर्यकांता व्यास ने गहलोत की बड़ाई की थी। गहलोत ने पुष्करणा ब्राहम्ण समाज को करीब पांच करोड़ रुपए दिए थे जो दना पहले ही तय था। इससे समाज ने विकास काम कराए। इसी बात को लेकर व्यास ने सीएम को धन्यवाद कहा था और उनकी प्रशंसा की थी। सीएम ने भी जीजी को धन्यवाद कहा था।

गहलोत बोले-मेरी तारीफ करने वालों का टिकट काट रही बीजेपी

इस प्रशंसा और शुक्रिया के अलग अलग मायने निकाले जाने लगे। जोधपुर के रहने वाले और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि सूर्यकांता व्यास का बुढापा आ गया है और उनमें समझ कम होती जा रही है। इस पर व्यास ने भी कहा था जब गजेन्द्र पैदा भी नहीं हुए थे तब से राजनीति कर रही हूं। आखिर वही हुआ जिसका अंदेशा था, पार्टी ने व्यास का टिकट काट दिया। उनकी सीट पर भाजपा ने किसी और को टिकट दे दिया। इस पर गहलोत का बयान आया कि मेरी प्रशंसा करने वालों के टिकट काट रही है भाजपा।

दीदी-भैया की यह मुकालात लाएगी सियासी रंग

अब ये मुलाकात हुई है और मुलाकात भी शानदार रही है। जीवन में पहली बार रात साढ़े बारह बजे दोनो की मुलाकात हुई है। सूर्यकांता व्यास की अपने क्षेत्र में इतनी पकड़ है कि अगर कांग्रेस भी उनको टिकट देती है तो वे भाजपा के नेताओं को जबरदस्त टक्कर दे सकती है और जीत भी सकती है।