Mukhyamantree Ayushman Arogya Yojana : राजस्थान सरकार ने आयुर्वेदिक अस्पतालों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में शामिल किया है। अब गठिया, लकवा जैसी 20 से ज़्यादा बीमारियों का मुफ़्त इलाज मिलेगा। जानिए कैसे उठाएँ लाभ।

Mukhyamantree Ayushman Arogya Yojana : राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) के तहत बड़ा कदम उठाते हुए अब आयुर्वेदिक अस्पतालों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। पहले चरण में प्रदेश के 84 सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को इस सुविधा से जोड़ा गया है, जिससे जनता को अब आयुर्वेदिक पद्धति से भी महंगे इलाज की सुविधा मुफ्त में मिल सकेगी।

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25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज

इस योजना के तहत मरीजों को 25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। फिलहाल निजी आयुर्वेदिक अस्पतालों को योजना में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन भविष्य में इसे बढ़ाने की संभावना है। योजना के तहत पंचकर्म पद्धति से इलाज को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसके जरिए अस्थमा, लकवा, गठिया, पार्किंसन, कमर-दर्द, गर्दन-दर्द जैसी 20 से अधिक बीमारियों का इलाज किया जाएगा।

उदयपुर के यह अस्पताल हैं शामिल

उदयपुर जिले के मावली, सायरा, मोती चौहट्टा और सिंधी बाजार स्थित अस्पताल इस योजना में शामिल हैं। इन अस्पतालों में पहले से पंचकर्म की सुविधा उपलब्ध है, और अब उन्हें योजना का फायदा मिलने से संसाधनों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। खास बात यह है कि सिंधी बाजार का औषधालय अब अस्पताल के रूप में दर्ज होगा, जिससे सेवाओं में और अधिक विस्तार होगा।

कौन उठा सकता है लाभ?

 इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो खाद्य सुरक्षा अधिनियम में नामित हैं, सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 में सूचीबद्ध हैं, संविदा कर्मचारी हैं या फिर जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है। अन्य नागरिक 850 रुपये सालाना प्रीमियम भरकर योजना से जुड़ सकते हैं। इस निर्णय से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को नई पहचान मिलने की उम्मीद है और आमजन में इसका विश्वास और भी मजबूत होगा।