महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साइबर ठगी का खतरा मंडरा रहा है। फर्जी ऑनलाइन बुकिंग के ज़रिए ठग सक्रिय हैं। पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी है।

जयपुर, संगम नगरी प्रयागराज में आगामी 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाने के लिए साइबर ठगों ने पहले ही अपना जाल बिछा लिया है। राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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ऑनलाइन बुकिंग में धोखाधड़ी का खतरा

महाकुंभ के दौरान होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और टेंट सिटी के कॉटेज की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। लेकिन साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट और लिंक के जरिए सस्ते दामों पर बुकिंग का लालच देकर श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बना रहे हैं। वे एडवांस पेमेंट के नाम पर धनराशि ठगकर गायब हो जाते हैं।

ऑफिशियल वेबसाइट से ही बुकिंग करें

राजस्थान पुलिस के DG (साइबर क्राइम) हेमंत प्रियदर्शी ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे केवल प्रशासन द्वारा जारी ऑफिशियल वेबसाइट और संपर्क नंबरों से ही बुकिंग कराएं। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने https://kumbh.gov.in/en/Wheretostaylist पर मान्यता प्राप्त होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस की सूची उपलब्ध कराई है।

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फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान

डीजीपी प्रियदर्शी ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक या वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि कोई फर्जी बुकिंग का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत सबमिट करे।

श्रद्धालुओं के लिए सतर्कता जरूरी

महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी सस्ते ऑफर के झांसे में न आएं। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। समय पर सतर्कता अपनाकर ठगी से बचा जा सकता है।

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