अजमेर में भारी बारिश के कारण फॉयसागर झील खतरे के निशान पर पहुंच गई है, जिससे झील की पाल में रिसाव हो गया है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें रिसाव को रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

अजमेर (राजस्थान). अजमेर में मूसलाधार बारिश और नाग पहाड़ से पानी की निरंतर आवक के कारण फॉयसागर झील उफान पर है। झील की पाल में रिसाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे आस-पास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। माना जा रहा है आज अगर लगातार 2 घंटे तेज बारिश और आ गई तो अजमेर शहर का अधिकतर हिस्सा पानी में डूब जाएगा।

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SDRF और सिविल डिफेन्स ने संभाला मोर्चा

शनिवार को झील की रिटेनिंग वॉल में तीन स्थानों पर छेद होने के बाद रिसाव शुरू हो गया। एसडीआरएफ और सिविल डिफेन्स की टीम ने तत्परता से मोर्चा संभाला और करीब 300 मिट्टी के कट्टे लगाकर रिसाव को रोका। देर रात तक इस काम को जारी रखा गया, जबकि नगर निगम के सहायक अभियंता भी मौके पर मौजूद रहे।

फॉयसागर झील ओवरफ्लो होने के बाद यहां भरा पानी

शुक्रवार सुबह की भारी बारिश के बाद फॉयसागर झील की जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे झील की पाल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जलस्तर 27 फीट तक पहुँच गया है, जो झील की भराव क्षमता के बराबर है। इसके परिणाम स्वरूप डिफेंस कॉलोनी, रावत नगर, बोराज, हाथीखेड़ा और आस-पास के इलाकों में पानी भर गया है।

ब्रिटिश काल के 19वीं शताब्दी में बना था यह बांध

फॉयसागर झील ब्रिटिश काल की 19वीं शताब्दी में निर्मित है और 1975 में आई बाढ़ के बाद सबसे अधिक उफान पर है। इसके निर्माण के समय से लेकर अब तक, झील में 49 साल बाद इतनी अधिक पानी की आवक देखी जा रही है।

इस संकट पर प्रशासन से सरकार तक अलर्ट

एसडीआरएफ टीम प्रभारी राजूराम और सिविल डिफेन्स के कर्मी संकट के इस समय में बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। नगर निगम के अधिशासी अभियंता मनोहर सोनगरा ने पुष्टि की कि मिट्टी के कट्टे लगाकर रिसाव को बंद कर दिया गया है, और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।