Sikar News : सीकर के पूनियां का बास गांव के युवाओं ने 40 लाख चंदा कर इंटरनेशनल लेवल का क्रिकेट ग्राउंड (International Level Cricket) बनाया। इससे न सिर्फ कई खिलाड़ी तैयार हुए, बल्कि युवाओं को सरकारी नौकरियां (Government Jobs)भी मिलीं।

सीकर. क्रिकेट (Cricket) दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है, भारत में तो यह किसी धर्म से कम नहीं है। राजस्थान के सीकर जिले के कुछ क्रिकेट प्रेमियों ने ऐसा ही करके दिखाया है, जिसे हर क्रिकेट खिलाड़ी सलाम कर रहा है। पूनियां का बास के रहने वाले युवाओं ने 40 लाख रुपए खर्च करके ग्रीन ग्रास ग्राउंड (Green Grass Ground) तैयार किया है। इतना ही नहीं इस गांव में क्रिकेट में ही नेशनल में 10 और स्टेट लेवल में 15 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

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खिलाड़ियों को 40 KM दूर सीकर जाना पड़ता था

दरअसल, इस गांव में पहले ग्राउंड नहीं था। ऐसे में गांव के युवाओं को तैयारी करने के लिए गांव से करीब 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय सीकर पर जाना पड़ता था। ऐसे में गांव के युवाओं ने निर्णय किया कि क्यों न गांव में ही ऐसा ग्राउंड तैयार किया जाए जहां गांव के युवा प्रैक्टिस कर सके।

सीकर के युवाओं ने एक ग्रुप में जमा कर लिए 40 लाख रुपए

गांव के युवाओं ने मिलकर चंदा इकट्ठा करना शुरू किया। इन्होंने विजय मंडल नाम से एक ग्रुप बनाया। जिसके अंतर्गत ही इन्होंने करीब 40 लाख रुपए चंदा एकत्रित कर लिया। मंडल की देखरेख में ही गांव मे ग्रीन ग्रास ग्राउंड का काम स्टार्ट होना शुरू हुआ। इसके अलावा स्टेडियम में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई। युवाओं के लिए ओपन जिम, पानी की टंकी और ट्यूबवेल की व्यवस्था भी की गई। इतना ही नहीं यहां ठहरने के लिए कई कमरे भी बनाए गए हैं। जब भी गांव में कोई शादी समारोह का आयोजन होता है तो ग्रामीण इस जगह को बारात रुकवाने के लिए काम में ले सकते हैं। उससे जो भी राशि मिलती है वह इस ग्राउंड की देखरेख में काम आती है।

इस गांव के खिलाड़ी संतोष ट्रॉफी खेल चुके

इस गांव के खिलाड़ी दिनेश भास्कर और मिलन पूनिया संतोष ट्रॉफी खेल चुके हैं। अब यह गांव के युवाओं को ट्रेनिंग देते हैं। इतना ही नहीं पुलिस सहित अन्य सरकारी नौकरियों से रिटायर्ड लोग यहां रोजाना मॉर्निंग वॉक करने के लिए आते हैं। जो युवाओं को ट्रेनिंग भी देते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि ग्राउंड तैयार होने के बाद एक तरफ जहां खिलाड़ी तो तैयार हो ही रहे हैं। इसके अलावा पुलिस जैसी नौकरियों में जाने के लिए युवाओं को फिजिकल की तैयारी के लिए भी बेहतर जगह मिली है। जहां वह तैयारी कर सकते हैं।